नेपालः सरकार और मधेसियों में समझौत, अब दो चरणों में होंगे चुनाव

नई दिल्ली (23 अप्रैल):  नेपाल के मधेसी दलों ने पुष्प कमल दहल प्रचंड की अगुवाई वाली सरकार के साथ समझौता किया है जिसके तहत संसद के अंदर त्वरित प्रक्रिया में संशोधित संविधान संशोधन विधेयक पेश होने के बाद वे स्थानीय निकाय चुनावों में हिस्सा लेंगे। आंदोलनरत मधेसी दलों और अन्य क्षेत्रीय दलों के समूह द फेडरल अलायंस ने संविधान संशोधन और स्थानीय चुनावों से जुडे मुद्दों पर समझौता किया है।


प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक आंदोलनरत मधेसी दलों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ है कि संशोधित संविधान संशोधन विधेयक को त्वरित मंजूरी दिलाई जाए और दो चरणों में स्थानीय निकाय चुनाव कराए जाएं। सरकार ने दो चरणों में 14 मई और 14 जून को स्थानीय निकाय चुनाव कराने का प्रस्ताव दिया है।

गठबंधन के वरिष्ठ नेता राजेन्द्र महतो ने कहा, 'गठबंधन स्थानीय स्तर के चुनावों में तभी हिस्सा लेगा जब संसद में संशोधित संविधान संशोधन विधेयक को मंजूरी मिल जाती है।


' इस बीच कैबिनेट की बैठक में इस समझौते को मंजूरी मिल गई कि सत्तारुढ़ दल फेडरल अलायंस के साथ गठबंधन करे और स्थानीय स्तर पर चुनाव दो चरणों में कराए। इससे पहले प्रधानमंत्री प्रचंड ने मुख्य चुनाव आयुक्त अयोधी प्रसाद याद, विपक्ष के मुख्य नेता और सीपीएन-यूएमएल के प्रमुख के. पी. शर्मा ओली के साथ विचार विमर्श किया और स्थानीय चुनावों और संविधान संशोधन के मामलों पर चर्चा की। सरकार के साथ समझौते के बाद मधेसी दलों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है।