मधेसियों के तेवर नरम, निकाला धोती मार्च, राष्ट्रपति ने बुलाया

नई दिल्ली (2 जनवरी): नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली की पहली विदेश यात्रा दिल्ली से शुरु होने की घोषणा और भारत सरकार द्वारा मधेसी समस्या के समाधान पर पर नेपाल को मदद के आश्वासन के बाद मधेसी आंदोलन में नरमी देखी  जा रही है। नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा के नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है।

हालांकि मधेस नेताओँ ने राष्ट्रपति से मिलने की तारीख नहीं बतायी हैं। 'काठमाण्डूपोस्टडॉटईकांतिपुरडॉटकॉम' में छपी खबर के मुताबिक राष्ट्रपति सुश्री भंडारी के इस कदम की सराहना की जा रही है। उधर मधेस नेता पूरी के बिना राष्ट्रपति से भेंट के इच्छुक नहीं हैं। मधेस नेताओं को यह भी आशंका है कि सरकार राष्ट्रपति के माध्यम से बातचीत का एक नया रास्ता खोलकर आंदोलनकारियों में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रही है।

मधेसियों को मांगों के अनुरूप संविधान में संशोधन करने के लिए अब नेपाल के लॉ मेकर्स का दबाव भी बढ़ता जा रहा है। नेपाली संसद में कई सासंदों ने सरकार से कहा है कि संविधान में मधेसियों विजन को सम्मिलित किया जाना जरूरी है। दूसरी ओर मधेसियों ने लाठी डंडे छोड़ 'धोती दिवस' मनाया। धोती को मधेसियों की पहचान बताते हए उन्होंने जगह-जगह जुलूस निकाले और शांति पूर्वक प्रदर्शन किये।