'आतंक फैलाने के लिए मदरसे को मिल रहा बाहरी मुल्कों से पैसा'

नई दिल्ली (8 फरवरी): हरदोई से गिरफ्तार आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकी अब्दुल शमी कासमी उर्फ शमीउल्लाह के मदरसे और ट्रस्ट को भारत में आतंक फैलाने के लिए बाहरी देशों से पैसा मिल रहा था। एनआईए के विश्वस्त सूत्रों ने बताया है कि शमाउल्लाह के खातों में कई संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शमीउल्लाह तीन वेबसाइट्स के जरिए बेरोजगार मुस्लिम युवकों को जिहाद के नाम पर आतंकी संगठन से जोड़ रहा था।

शमीउल्लाह की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसी के अधिकारी उसके गांव हरैटा में बैंक अधिकारी बनकर पहुंचे। गांव में इन लोगों ने शमीउल्लाह के परिवार, संपत्तियों से जुड़ी व अन्य जानकारियां जुटायीं। शमीउल्लाह 2007 के विधानसभा चुनाव भी लड़ चुका है। उस दौरान उसने एक एफिडेविट में अपने पास कुल नकदी 90000, बैंक में एक हजार, दस तोले सोना और करीब 1500 गज की जमीन का जिक्र किया था। बताया जाता है कि शमीउल्लाह यूपी के साथ-साथ दक्षिण भारत में आईएसआईएस के नेटवर्क को फैलाने का काम कर रहा था। एजेंसियों के मुताबिक शमीउल्ला बेंगलुरु समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों में गया और वहां तकरीर व बयान के लिए सभाएं आयोजित कीं।