यह छोटी सी मशीन पीएम मोदी के सपने को ऐसे करेगी पूरा

नई दिल्ली(20 नवंबर): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश से ब्‍लैक मनी को खत्‍म कर कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देना चाहते हैं। इसी सपने को पूरा करने के लिए उन्‍होंने अचानक 500 और 1000 रुपए के नोट बंद कर दिए हैं। लेकिन इससे लोगों को दिक्‍कत आ रही है, क्‍योंकि वे रोजमर्रा की खरीददारी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में, एक छोटी सी मशीन लोगों की इस दिक्‍कत को दूर कर सकती है।

प्रधानमंत्री की कोशिश है कि 10 से 25 हजार रुपए की कीमत वाली यह मशीन देश के कौने-कौने में पहुंच जाए, जिससे देश भर में प्‍लास्टिक मनी का चलन बढ़ जाए। 

क्‍या है यह मशीन   इस मशीन को पीओएस यानी प्‍वाइंट ऑफ सेल्‍स कहा जाता है। आम भाषा में इसे कार्ड स्‍वैप मशीन भी कहा जाता है, जिसमें डेबिट या क्रेडिट कार्ड स्‍वैप करके पेमेंट की जा सकती है। नोट बंदी के बाद कुछ बैंकों ने इस मशीन के माध्‍यम से कैश विदड्रॉल की सुविधा भी शुरू की है। क्रेडिट कार्ड होल्‍डर्स तो इस मशीन का इस्‍तेमाल लंबे समय से कर रहे हैं, लेकिन नोट बैन के बाद डेबिट कार्ड होल्‍डर्स भी इस मशीन का इस्‍तेमाल कर रहे हैं।

कैसे काम करती है मशीन   यह मशीन शॉप कीपर्स या बिजनेस मैन के बैंक अकाउंट के सर्वर से ऑनलाइन जुड़ी होती हैं।जैसे ही कस्‍टमर का  कार्ड इस मशीन पर स्‍वैप करके अमाउंट फीड किया जाता है। इसके बाद तुरंत पैसा कस्‍टमर के अकाउंट से बिजनेस मैन के अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। 

कैसे मिलती है यह मशीन   इसके लिए सबसे पहले बिजनेस मैन को अपना मर्चेंट अकाउंट किसी भी बैंक में खुलवाना होता है। इसके बाद बैंक में पीओएस मशीन के लिए अप्‍लाई के लिए अप्‍लाई करना होता है। बैंक बिजनेस मैन की हिस्‍ट्री और लोकेशन की वायबिलटी की पड़ताल करने के बाद पीओएस मशीन इश्‍यू कर देती है। इसके साथ ही बिजनेस मैन को एक पिन भी इश्‍यू किया जाता है और मशीन को बैंक के ऑनलाइन सर्वर से अकाउंट से जोड़ दिया जाता है।