माछिल फर्जी एनकाउंटर: सैन्य अदालत ने पांच सैनिकों की उम्रकैद की सजा को किया रद्द


नई दिल्ली ( 26 जुलाई ):
सैन्य अदालत ने माछिल फर्जी एनकाउंटर मामले में सैनिकों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कर्नल और कैप्टन समेत पांच सैन्य कर्मियों की आजीवन कारावास को रद्द कर दिया है। 

बता दें 2014 में एक कोर्ट ने 2010 में जम्मू-कश्मीर के माछिल में हुए फर्जी एनकाउंटर केस में सैनिकों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। गौरतलब है कि 2010 में सैन्य अधि‍कारियों ने तीन युवकों का एनकाउंटर किया था। जिसे पाकिस्तानी आतंकी बताया गया था। सेना ने सैन्य अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट मार्शल का ऐलान किया था।

दरअसल कश्मीर के कुपवाड़ा में रहने वाले तीन युवक शहजाद अहमद, रियाज अहमद और मोहम्मद शफी का एनकाउंटर किया गया था, सेना ने बताया था कि तीनों युवक पाकिस्तानी आतंकी हैं और भारत की सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में पता चला कि ये तीनों युवक कश्मीर के रहने वाले हैं और नौकरी की तलाश में जा रहे थे। 

2010 में हुए इस एनकाउंटर के बाद कश्मीर में तीन महीने तक जन आंदोलन चला था, जिसमें 123 लोग मारे गए थे। सेना ने दावा किया था कि उसने माछिल सेक्टर में तीन घुसपैठियों को मार गिराया गया है। मृतकों के रिश्तेदारों की ओर से की गई शिकायत के बाद पुलिस ने प्रादेशिक सेना के एक जवान और दो अन्य को गिरफ्तार किया था।