VIDEO: सेना ने पेश की भारत में बनीं होवित्जर तोप, चीन के छूटे पसीने

नई दिल्ली (18 मई): भारतीय सेना ने हल्के वजन वाली एम 777 होवित्जर तोप को पेश किया है। इस तोप के लिए भारत और अमेरिका के बीच 5000 करोड़ की डील हुई थी। इन्हें चीन के साथ सीमा के निकट तैनात किया जाएगा।

इन तोपों को अरुणाचल प्रदेश के उंचाई वाले क्षेत्रों और चीन की सीमा से लगे लद्दाख के क्षेत्र में तैनात किया जाएगा। 5000 करोड़ रुपए का ये समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मशहूर 'मेक इन इं‌‌डिया' परियोजना की भी एक उप‌ल‌ब्धि है। इन 145 होवित्जर तोपों को तीन साल के दौरान भारत में ही असेंबल किया जाएगा। ये मेक इन इंडिया मिशन के लिहाज से बड़ी कामयाबी है।

- होवित्जर तोप का रेट ऑफ फायर 2 राउंड/मिनट (2आरपीएम) से लेकर 5 राउंड/मिनट (5आरपीएम) है। यानी एम 777 एक बार में ज्यादा गोला-बारूद दाग सकती है।

- बोफोर्स की मारक क्षमता 27 किलोमीटर है जबकि एम 777 बदलाव के साथ 40 किलोमीटर तक मार कर सकती है।

- एम777 पूरी तरह ऑटोमैटिक है। इसमें लगे सेंसर और रडार पहाड़ों के पीछे छिपे दुश्मनों को ढूंढकर गोले बरसाने की काबिलियत है।

- 4 हजार किलो वजन वाली होवित्जर एम777 तोप को गोला दागने के बाद अपनी जगह छोड़ने में सिर्फ 2 से 3 मिनट लगते हैं।

- होवित्जर के आने से करगिल और द्रास सेक्टर जैसे पहाड़ी इलाकों में भारतीय सेना को काफी मजबूती मिलेगी।

- इन 145 होवित्जर तोपों को तीन साल के दौरान भारत में ही असेंबल किया जाएगा। ये मेक इन इंडिया मिशन के लिहाज से बड़ी कामयाबी है।

- एम777 एक अल्ट्रालाइट तोप है और भारतीय तोपखाने का सबसे मजबूत हथियार साबित होगी।

- इस तोप को कहीं भी लेकर जाना बेहद आसान है। इसे हेलिकॉप्टर से भी बेहद आसानी से ऊंची पहाड़ियों पर ले जाया जा सकता है।