मारा गया सैफुल्लाह नहीं है IS के इंडियन मॉड्यूल का चेहरा

लखनऊ (8 मार्च): IS के इंडियन मॉड्यूल का चेहरा आतंकी सैफुल्लाह का तो काम तमाम कर दिया गया, लेकिन इस मॉड्यूल के बाकी कई आतंकी अब भी फरार हैं। जिन्हें पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश के 11 शहरों में ताबड़तोड़ छापेमारी चल रही है। इसी बीच सैफुल्लाह के पिता ने आतंकी बेटे का शव लेने से इंकार कर दिया है।

शुरुआती जानकारी में ये कहा जा रहा था कि सैफुल्लाह IS के यूपी मॉड्यूल का सरगना है। मगर अब सामने आ रहा है कि वो तो महज मोहरा था, असली सरगना तो कानपुर का रहने वाला जीएम खान है, जो एयरफोर्स में भी काम कर चुका है। फिलहाल वो फरार है और उसकी धर-पकड़ के लिए कोशिश की जा रही है।

सुरक्षा एजेंसियों ने कल से अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और डेढ़ दर्जन से ज़्यादा संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इटावा से दो लोग फखरे आलाम  और उसके बड़े भाई फैज़ आमल को गिरफ्तार किया गया है। फखरे आलम आई के गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी मोहाली चंडीगढ़ से बी-टेक के लास्ट ईयर में पढ़ाई कर रहा है, जबकि बड़ा भाई फैज़ आलम दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर सिविल एग्जाम की तैयारी कर रहा है।

उधर कानपुर कचेहरी इलाके इलाके के जाजमऊ के तिवारी पुर ताड़बगिया से यूपी एटीएस और कानपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने फैसल नाम के एक संदिगध युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार फैसल के तार आईएसआई से जुड़े हो सकते है।

फैसल के पड़ोसी के अनुसार करीब 5 सालों से यहां रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक कानपुर-लखनऊ के कुछ लोकल लड़कों ने बगदादी के खुरासान प्लान प्रभावित होकर 'खुरासान' नाम का ग्रुप तैयार किया। इन लड़कों ने सोशल मीडिया के जरिए ही अपना ग्रुप खड़ा किया। पुलिस ये भी दावा कर रही है कि सोशल मीडिया के जरिए ही ये लोग एक-दूसरे के संपर्क में रहकर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। ये लड़के बगदादी के काम करने के तरीके को फॉलो कर रहे थे। इनका नेटवर्क यूपी से बाहर कई राज्यों में फैला हुआ था।