लखनऊ में 'खून के सौदागरों' का भंडाफोड़, पानी और केमिकल मिला कर बेचते थे नकली खून

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 अक्टूबर): उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने राजधानी लखनऊ में चल रहे खून के काले कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए सात लोगों को दबोचा है। पकड़े गए आरोपी केमिकल और पानी मिलाकर खून का काला कारोबार कर रहे थे। एसटीएफ ने गुरुवार देर रात मड़ियांव स्थित दो हॉस्पिटलों में छापा मारकर आठ यूनिट खून बरामद किया। यूपी एसटीएफ मामले की जांच कर रही है।देर रात तक एसटीएफ ब्लड बैंक के दस्तावेज और कर्मचारियों का ब्यौरा खंगाल रही थी।

ये गिरोह गरीब लोगों को अपने जाल में फंसा कर उनका खून निकालता था। 1200 रुपये में ये लोग खून खरीदते थे और उसमें पानी, केमिकल मिला कर दो से तीन हजार रुपये तक में बेच देते थे। ये लोग कम पढ़े लिखे लोगों को ही अपने जाल में फंसाते थे।

एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया कि इस तरह खून में पानी मिला कर बेचने का ये पहला मामला संज्ञान में आया है। जानकारों के मुताबिक सेलाइन वाटर मिलाकर खून को दोगुना करना मरीज की सेहत के लिए जान लेवा साबित हो सकता है।

मुख्य अभियुक्त नसीम ने बताया कि वो अपने घर पर ही इस काम को करता था। नशा करने वाले लोग उसके पास खून बेचने के लिए आते थे। PRBC (Packed Red Blood Cell) बोल कर whole human blood बेचने वाले इस गिरोह ने सैकडों लोगों को अपना शिकार बनाया है।

ये लोग खून की जांच भी नहीं करते थे यानि खून में अगर कोई बीमारी है तो वो भी मरीज तक पहुंच जाती थी। साथ ही सलाइन वाटर मिलाने से मरीज को गंभीर बीमारियां भी हो सकती हैं। लेकिन पैसे के लालच में इन लोगों ने इस गुनाह को बार-बार किया।

एसटीएफ अब इस बात की जांच कर रहा है कि कहां-कहां ये लोग खून की सप्लाई करते थे और कौन-कौन लोग इस गिरोह से जुड़े हुए थे। जिन ब्लड बैंक को ये लोग खून देते थे उनका इस खेल में क्या रोल है इस बात की भी जांच की जा रही। है.