उपचुनाव जीतने के लिए ओबीसी को अनुसूचित जाति में डाल रही बीजेपी

MAYAWATI

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(1 जुलाई): बसपा सुप्रीमो मायावती ने उत्तर प्रदेश में 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने को लेकर योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। मायावती ने कहा है कि योगी सरकार का यह फैसला पूरी तरह गैर असंवेधानिक है। जब सरकार जानती है कि इन 17 जातियों को अनुसूचित जाति का लाभ नहीं मिल सकता है तो सरकार ने ऐसा फैसला क्यों किया? इससे साफ जाहिर होता है, प्रदेश की योगी सरकार ने सपा सरकार की तरह इन 17 जातियों के साथ धोखा करने का आदेश जारी किया है।

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि राज्य सरकार ने यह कदम उठाकर अनुसूचित जातियों के साथ धोखा किया है। क्योंकि इस निर्णय से वे किसी भी श्रेणी का लाभ प्राप्त नहीं करेंगे। मायावती ने कहा उपचुनाव में वोट लेने के लिए इन जातियों के साथ केवल धोखा किया जा रहा है।

यूपी सरकार उन्हें ओबीसी भी नहीं मानेंगी।मायावती ने कहा कि इस फैसले से इन 17 जातियों को एससी से संबंधित लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि कोई भी राज्य सरकार उन्हें अपने आदेशों के माध्यम से किसी भी श्रेणी में नहीं डाल सकती है या उन्हें हटा नहीं सकती है। मायावती ने कहा कि हमारी पार्टी ने 2007 में केंद्र में तत्कालीन कांग्रेस सरकार को लिखा था कि इन 17 जातियों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में जोड़ा जाए और अनुसूचित जाति श्रेणी का आरक्षण कोटा बढ़ाया जाए।

इससे अनुसूचित जाति वर्ग में जातियों को मिलने वाले लाभ कम नहीं होता और जिन 17 जातियों को अनुसूचित जाति श्रेणी में जोड़ा जाता, उन्हें भी लाभ मिलता रहता। पहले भी इस तरह की मांग होती रही है, लेकिन केंद्र में न तो वर्तमान सरकार और न ही पहले की सरकारों ने इस बारे में कुछ किया।बता दें कि योगी सरकार ने 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का बड़ा फैसला किया है। इस निर्णय से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसा फासला तय कर लिया है, जो उनके पहले के तीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, मायावती और अखिलेश यादव कोशिश करने के बावजूद नहीं कर सके थे। हालांकि, हाईकोर्ट में दायर एक याचिका की वजह से इन 17 जातियों को जारी होने वाले जाति प्रमाण पत्र हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन होंगे। फैसले से सूबे की सियासत में हलचल मच गई है।