भारत में हमले के पीछे 'खुरासान', जानिए क्या है यह ग्रुप

नई दिल्ली(8 मार्च): सीरिया से संचालित अलकायदा के खुरासान ग्रुप का नाम लेकर कानपुर-लखनऊ के कुछ लोकल लड़कों ने यहां भी ऐसा ग्रुप बनाया। ये सब आतंकी ग्रुप इस्लामिक स्टेट से भी प्रभावित हैं।

- एडीजी (एलओ) दलजीत सिंह चौधरी ने मंगलवार को ऐसा दावा किया है। उनका कहना है कि इन लोकल लड़कों ने सोशल मीडिया से ही अपना ग्रुप खड़ा किया। पुलिस का यह भी दावा था कि सोशल मीडिया के जरिए ही ये लोग एक-दूसरे के संपर्क में रहकर आतंकी घटनाओं की तैयारी कर रहे थे।

- ग्रुप से जुड़े सभी मिसगाइडेड युवक आईएस की कार्यप्रणाली को फॉलो कर रहे थे। यूपी एटीएस के मुताबिक, कानपुर, लखनऊ और इटावा के संदिग्धों के ठिकानों से बरामद लैपटॉप, मोबाइल फोन और बड़ी संख्या में आईएस का साहित्य दबिक मिला है। इसके अलावा इनके पास से बम बनाने की कई विधियों से जुड़े मटिरियल भी मिले हैं। लैपटॉप व मोबाइल फोन की पड़ताल की जा रही है। यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि ये कितने लोगों के संपर्क में हैं और किस-किस से चैट करते हैं।

- जानकारी के मुताबिक, एमपी एटीएस व तेलंगाना पुलिस कई दिनों से इस ग्रुप की हरकतों पर नजर रखे हुए थी। इन सभी के सोशल मीडिया अकाउंट एजेंसियों के निशाने पर थे। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि इनके ट्रेन ब्लास्ट करने की भनक नहीं लगी। ब्लास्ट होने के बाद ही एमपी एटीएस व आईबी ने इनकी धरपकड़ शुरू की। पहले तीन संदिग्धों को एमपी पुलिस ने पिपरिया से गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर ही लखनऊ, इटावा व कानपुर में छापेमारी की गई।