यूपी मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल होनी की संभावना तेज, इस बात का है इंतजार

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(30 जून): लोकसभा चुनाव में यूपी के तीन मंत्रियोंं के चुनाव जीतने पर और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर की बर्खास्तगी के बाद एक बार फिर अटकलें है योगी मंत्रिमंडल का शीघ्र फेरबदल होगा।  हालांकि तब मुख्यमंत्री ने इस्तीफा देने वालों के विभाग दूसरे मंत्रियों को देकर यह संकेत दिये थे कि अभी फिलहाल मंत्रिमंडल में फेरबदल नहीं किया जाएगा। 

प्रदेश की 12 विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने हैं। माना जा रहा है कि दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद मंत्रिमंडल विस्तार जल्द हो सकता है।भाजपा के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना है।

 सांसद बनने के बाद योगी सरकार के पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य विभाग के मंत्री एसपी बघेल, महिला कल्याण, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण एवं पर्यटन विभाग की मंत्री प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी और खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, वस्त्रोद्योग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के मंत्री सत्यदेव पचौरी ने सांसद बनने के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, जबकि एक को बर्खास्त कर दिया गया था।

बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में पार्टी के नेताओं की कड़ी मेहनत के कारण यूपी में भाजपा को 80 सीटों में से 62 पर जीत मिली। मुख्यमंत्री योगी पार्टी के नेताओं को उनकी कड़ी मेहनत के लिए पुरस्कृत कर सकते हैं। यूपी बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि यूपी मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी चल रही है। हालांकि, यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।मुख्यमंत्री सहित अब 43 मंत्री

राज्य सरकार में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अब विभिन्न स्तर के कुल 43 मंत्री हैं। इनमें दो उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा के अलावा 18 कैबिनेट मंत्री, नौ स्वतंत्र प्रभार के राज्यमंत्री और 13 राज्यमंत्री हैं। कोटे के मुताबिक सरकार में अभी 17 मंत्री शामिल किये जा सकते हैं। मंत्रालय का अधिकतम आकार विधानसभा की कुल शक्ति का 15 प्रतिशत हो सकता है। यूपी विधानसभा में 403 सीटें हैं और इसलिए राज्य में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं।राज्य सरकार नीति आयोग की मंशा के अनुरूप केंद्र सरकार की तर्ज पर विभागों का पुनर्गठन कर रही है। इससे प्रदेश के विभागों की संख्या 95 से घटकर 45 रह जाएगी। यह प्रक्रिया अंतिम दौर में है। जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी के लिए इसका प्रस्ताव आ सकता है। 

योगी सरकार ने विभागों के पुनर्गठन के लिए वरिष्ठ आइएएस अधिकारी संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी, जिसमें सदस्य सचिव नियोजन विभाग की सचिव नीना शर्मा थीं। इस समिति ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। सरकार बड़े विभागों में कोई हेरफेर नहीं करेगी। राजस्व, सहकारिता, लोकनिर्माण विभाग, परिवहन जैसे विभाग जस के तस रहेंगे।