शहीद कर्नल संतोष महादिक और नाइक मुकेश दुबे की पत्नी के जब्जे को सलाम

नई दिल्ली (9 सितंबर): पति के शहीद होने के बाद स्वाति महादिक और निधी दुबे ने सोच लिया था कि वो भी अपने पति के नक्शे कदम पर चलते हुए देश की सेवा करेंगी। कड़ी मेहनत के बाद ये दोनों महिलाए आज भारतीय सेना में शामिल हो गईं। 

नाइक मुकेश दुबे की पत्नी निधि दुबे है। मुकेश दुबे का जब निधन हुआ तब निधि की उम्र महज 21 साल थीं और वह चार महीने की गर्भ से थीं। मुकेश की मौत के बाद वह मध्यप्रदेश के सागर स्थित मायके चली आई। वहीं उन्होंने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद में धाना स्थित आर्मी स्कूल में पढ़ाने लगी। निधि ने 2014 में फैसला कर लिया कि उन्हों भी सैना में भर्ती होना है। इसके बाद वह सुबह चार बजे उठती, स्कूल जाती, बच्चे का होमवर्क कराती और सेना में भर्ती के लिए एसएसबी की परीक्षा की तैयारी करती। शाम को जिम जाती। निधि का कहना है कि पहले उम्र की वजह से परेशानियां हुईं, ट्रेनिंग के बाद मैं वह सब कर सकती हूं जो कोई और कर सकता है।

कुछ ऐसी ही कहानी स्वाति महादिक की है। स्वाति के पति कर्नल संतोष महादिक नवंबर 2015 में उत्तरी कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे।  लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और कड़ी मेहनत और तमाम बाधाओं को पार करते हुए भारतीय सेना में कमीशन हासिल किया। स्वाति के मुताबिक जब कर्नल महादिक का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तभी उन्होंने सेना में शामिल होने का फैसला कर लिया था। लेकिन उम्र और दो बच्चे इसके आड़े आ रहे थे। लेकिन स्वाति ने हिम्मत नहीं हारी और 30 साल की उम्र में सेना में भर्ती के लिए एसएसबी परीक्षा में बैठने के लिए छूट देने की मांग की, जिसपर तत्कालीन रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने मुहर लगा दी। 

स्वाति बताती हैं, उन्होंने पांच चरणों में होने वाली कड़ी परीक्षा पास की। इसके बाद दोनों बच्चों स्वराज और कार्तिकी को बोर्डिंग स्कूल भेजा और स्वयं सैन्य प्रशिक्षण के लिए चेन्नई स्थित सेना के ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी चली आईं। शनिवार को पासिंग आउट परेड हुआ, जहां पर वह बतौर लेफ्टिनेंट सेना में औपचारिक रूप से शामिल हुईं।