54 साल बाद घरवालों से मिले पूर्व चीनी सैनिक वांग शू

नई दिल्ली (13 फरवरी): 54 साल भारत में गुजारने के बाद 77 साल के पूर्व चीनी सैनिक वांग शू आखिरकार वापस चीन पहुंच गए। वांग शू गलती से बॉर्डर क्रॉस कर भारत आ गए थे, जिसके बाद उन्हें 6 साल के लिए जासूसी के आरोप में जेल भेज दिया गया। फिर वांग शू ने भारत में ही घर बसा लिया। जब 54 साल बाद वो चीन में अपने घरवालों से मिले तो आंसुओं पर काबू नहीं रख पाए।

54 साल बाद एक भाई ने अपने भाई को देखा तो गले लगकर रोने लगा। 77 साल के वांग शू 54 साल पहले गलती से बॉर्डर क्रॉस कर भारत आ गए थे और फिर कभी वापस अपने देश चीन नहीं जा सके। आखिरकार 54 साल बाद वांग शू की अपने घर जाने की मुराद पूरी हुई। वो अपने घर ऐसे ही नहीं गए, अपने बेटे विष्णु, अपनी बेटी अनीता और पोती को साथ लेकर गए हैं। चीन पहुंचकर अपने दोस्तों रिश्तेदारों से मिलकर वांग ची भावुक हो गए।

वांग ची काफी समय से चीन जाने की कोशिशों में लगे हुए थे, लेकिन वीजा मिलने मे हो रही देरी के कारण वांग का जाना संभव नहीं हो पा रहा था। इसके बाद मामला मीडिया में आया तो दोनों देशों की सरकारों ने कोशिश की और वांग को 2 साल का मल्टीपल वीजा दिया गया है। अब दो साल तक वांग चीन और भारत के बीच बिना किसी रोकटोक के आ जा सकेंगे।

इससे पहले एयरपोर्ट पर वांग शू ने चीनी अधिकारियों से मुलाकात की। हवाई जहाज में भी उनका ख्याल रखा गया और बीजिंग एयरपोर्ट पर उतरे तब भी उनका स्वागत किया गया। वांग शू जब सिर्फ 23 साल के थे, तब 1963 में वो गलती से भारत पहुंच गए थे। जासूसी के आरोप में उन्हें जेल भेज दिया गया। 6 साल जेल में रहने के बाद वो बाहर आए। कई साल मेहनत मज़दूरी कर पेट पाला और फिर सुशीला नाम की गरीब घर की लड़की से शादी कर ली।

नया नाम मिल गया राज बहादुर और फिर पूरी ज़िंदगी भारत में ही गुज़ार दी। आज भारत में भोपाल के पास तिरोड़ी गांव में वांग शू का हंसता खेलता परिवार है। 2 बेटियां, 1 बेटा और पोते-पोती हैं। वांग शू उर्फ राज बहादुर बेशक 54 साल बाद चीन गए हों, लेकिन अब उनकी ज़िंदगी और उनका दिल हिंदुस्तान में ही बसता है।