कृष्ण जन्माष्टमी 2019: श्रीकृष्ण ने बसाए थे ये तीन नगर

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 अगस्त): गोकुल, वृंदावन, गिरिराज और द्वारिका में श्रीकृष्ण ने अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण क्षण गुजारे, लेकिन बहुत ही कम लोग उन नगरों के बारे में जानते हैं जिनको श्रीकृष्ण ने बसाया था। श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ, लेकिन वह पूरे भारतवर्ष में अनेक स्थानों पर गए। श्रीकृष्ण ने सोमनाथ के पास प्रभास क्षेत्र में देह त्यागा और वहां उनका समाधि है।

भगवान श्रीकृष्‍ण ने कराया इन नगरों का पुनर्निर्माण...

द्वारिका...

DWARIKAद्वारिका का पूर्व में नाम कुशवती था, जो उजाड़ हो चुकी थी। श्रीकृष्ण ने इसी स्थान पर नए नगर का निर्माण करवाया। कंस वध के बाद श्रीकृष्ण ने गुजरात के समुद्र के तट पर द्वारिका का निर्माण कराया और वहां एक नए राज्य की स्थापना की।

इंद्रप्रस्थ...

indraprasthaइस तरह इंद्रप्रस्थ, जो पूर्व में खांडवप्रस्थ था, को पांडव पुत्रों के लिए बनवाया गया था। यह नगर बड़ा ही विचित्र था। खासकर पांडवों का महल तो इंद्रजाल जैसा बनाया गया था। द्वारिका की तरह ही इस नगर के निर्माण कार्य में मय दानव और भगवान विश्वकर्मा ने अथक प्रयास किए थे जिसके चलते ही यह संभव हो पाया था।

आज हम जिसे दिल्ली कहते हैं, वही प्राचीनकाल में इंद्रप्रस्थ था। दिल्ली के पुराने किले में जगह-जगह शिलापटों पर लगे इन वाक्यों को पढ़कर यह सवाल जरूर उठता है कि पांडवों की राजधानी इंद्रप्रस्थ कहां थी? खुदाई में मिले अवशेषों के आधार पर पुरातत्वविदों का एक बड़ा वर्ग यह मानता है कि पांडवों की राजधानी इसी स्थल पर रही होगी। यहां खुदाई में ऐसे बर्तनों के अवशेष मिले हैं, जो महाभारत से जुडे़ अन्य स्थानों पर भी मिले हैं। दिल्ली में स्थित सारवल गांव से 1328 ईस्वी का संस्कृत का एक अभिलेख प्राप्त हुआ है। यह अभिलेख लाल किले के संग्रहालय में मौजूद है। इस अभिलेख में इस गांव के इंद्रप्रस्थ जिले में स्थित होने का उल्लेख है।

बैकुंठ...

baikunthहिन्दू धर्म मान्यताओं में बैकुंठ जगतपालक भगवान विष्णु का वास होकर पुण्य, सुख और शांति का लोक है, लेकिन हम बात कर रहे हैं उस बैकुंठ धाम की, जो भगवान श्रीकृष्ण का धाम था। विद्वानों के अनुसार इसके कई नाम थे- साकेत, गोलोक, परमधाम, ब्रह्मपुर ‍आदि। अब सवाल यह उठता है कि ऐसा नगर कहां था? कुछ लोग बद्रीनाथ धाम को बैकुंठ कहते हैं, तो कुछ जगन्नाथ धाम को। कुछ का मानना है कि पुष्कर ही बैकुंठ धाम था। हालांकि कुछ इतिहासकारों के मुताबिक अरावली की पहाड़ी श्रृंखला पर कहीं बैकुंठ धाम बसाया गया था, जहां इंसान नहीं सिर्फ साधक ही रहते थे।

(Image Credit: Google)