यहां भगवान श्रीकृष्‍ण ने बांसुरी से बना दिया था कुंआ

नई दिल्ली (25 अगस्त): आज कृष्ण जन्माष्टमी है और पूरा देश कृष्ण भक्ति के सागर में डूबा हुआ है। चारों तरफ बंसीवाले के नाम की धूम है। कृष्ण की लीलाएं और गाथाएं हर तरफ सुनाई दे रही हैं। न्यूज 24 आपको कृष्ण से जुड़ी कुछ ऐसे निशान और कहानियां बताएगा जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुनी होंगी।

कृष्ण की जन्मस्थली ब्रजभूमि उनकी गाथाओं से भरी हुई है। ब्रज का कोना-कोना कृष्णलीलाओं से गूंजता है, यहां कण-कण में आपको कृष्ण के निशान मिल जाएंगे। कृष्ण से जुड़े ऐसे ही निशान और अनसुनी कहानियां खोजने के लिए हमने रुख किया ब्रज भूमि का। अपनी इस यात्रा के दौरान हमने ऐसी-ऐसी कहानियां सुनी जो आज से पहले नहीं सुनी थी। ब्रजभूमि में हमने शिलाओं पर कृष्ण के निशान देखे। कृष्ण की बांसुरी के चमत्कार से जुड़े किस्से सुने।

हमारी इस यात्रा की शुरुआत हुई चरण पहाड़ी से...

- चरण पहाड़ी के कोने-कोने में कृष्णलीला की असीम गाथाएं हैं। - इस पहाड़ की शिलाओं पर जगह-जगह कृष्ण के पैरों के निशान मिल जाएंगे। - चरण पहाड़ी पर ऐसी शिलाएं आपको कई जगह देखने को मिलती हैं। - मान्यता है कि इन शिलाओं पर खड़े हो कर श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाई थी। - उस समय उनके साथ गइया और ग्वाल-बाल भी मौजूद थे। - जिस पेड़ के नीचे ये शिला है उसके ठीक पास में एक कुआं भी मौजूद है। - इस कुएं को लेकर भी बड़ी ही दिलचस्प कहानी है। - इस कुएं के बारे में सदियों से मान्यता है कि इसे भगवान कृष्ण ने अपनी बांसुरी से बनाया था। - अमूमन ऐसे कुएं देखने को नहीं मिलते हैं, कुएं की खासियत ये है कि बांसुरी के आकार का है। - छोटा है और कुएं में काफी ऊपर ही पानी मिल जाता है। कुएं में आज भी पानी है। - जब कान्हा अपने ग्वाल बालों के साथ यहां खेलने आए थे तो उनका गला प्यास की वजह से सूखने लगा। - उन्होंने कृष्ण से पानी की व्यवस्था करने की गुहार लगाई। - आस-पास पानी नहीं था तो कृष्ण ने अपनी बांसुरी से चमत्कार दिखाया और ये कुआं बना दिया।