'ग्रोथ के लिए स्वार्थी तत्वों के शोर को नजरअंदाज करे सरकार'

नई दिल्ली (26 जुलाई): रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर रघुराम राजन ने सरकार को एक बार फिर सलाह दी है। राजन ने कहा है कि इकनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने की खातिर सरकारों को ऐसे निहित स्वार्थी तत्वों के शोर-शराबे को नजरंदाज कर देना चाहिए। जो सोच-समझकर बनाई गई मॉनिटरी पॉलिसी के खिलाफ शोर मचाते हैं।

- रिपोर्ट के मुताबिक, राजन ने मंगलवार को एक आयोजन में कहा, "दुनियाभर में सरकारों को गलत सूचनाओं पर आधारित और किसी खास मकसद से होने वाली आलोचना को दरकिनार करना चाहिए और अपने सेंट्रल बैंक की स्वतंत्रता की रक्षा करनी चाहिए।" - राजन ने कहा, "टिकाऊ ग्रोथ बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है।"  - राजन ने कहा, "यह आलोचना निराधार है कि ब्याज दरें ज्यादा होने से इंडिया में निवेश प्रभावित हो रहा है। और शुरुआती हिचक के बाद मार्केट्स और बैंकर्स भी सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए एकजुट हो गए हैं।" - 'स्टैटिस्टिक्स डे' मनाने के लिए दुनियाभर से आए सांख्यिकी के एक्सपर्ट्स और अर्थशास्त्रियों के सम्मेलन में राजन ने कहा, "आरबीआई अपनी नीतियों पर टिका हुआ है।"  - उन्होंने कहा, "क्रेडिट ग्रोथ में सुस्ती की बड़ी वजह यह है कि सरकारी बैंकों पर दबाव है, जो कर्ज देने में पिछली गलतियों के कारण पैदा हुआ है। पॉलिसी रेट्स में कमी करने से यह सब ठीक नहीं होगा।"