राजन की सरकार को सलाह, टिकाऊ ग्रोथ चाहिए तो करें यह काम...

कोलकाता (26 जुलाई): आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने मोदी सरकार को टिकाऊ ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने के लिए एक मंत्र दिया है। उन्होंने कहा है कि सरकारों को ऐसे निहित स्वार्थी तत्वों के हो-हल्ले को नजरंदाज कर देना चाहिए, जो सोच-समझकर बनाई गई मॉनिटरी पॉलिसी के खिलाफ शोर मचाते हैं।

राजन ने कहा, 'दुनियाभर में सरकारों को गलत सूचनाओं पर आधारित और किसी खास मकसद से होने वाली आलोचना को दरकिनार करना चाहिए और अपने सेंट्रल बैंक की स्वतंत्रता की रक्षा करनी चाहिए। टिकाऊ ग्रोथ बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी है।' उन्होंने कहा कि यह आलोचना निराधार है कि ब्याज दरें ज्यादा होने से इंडिया में निवेश प्रभावित हो रहा है और शुरुआती हिचक के बाद मार्केट्स और बैंकर्स भी सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए एकजुट हो गए हैं।

दुनियाभर से आए सांख्यिकी के उस्तादों और अर्थशास्त्रियों के सम्मेलन में राजन ने कहा, 'आरबीआई अपनी नीतियों पर टिका हुआ है। क्रेडिट ग्रोथ में सुस्ती की बड़ी वजह यह है कि सरकारी बैंकों पर दबाव है, जो कर्ज देने में पिछली गलतियों के कारण पैदा हुआ है। पॉलिसी रेट्स में कमी करने से यह सब ठीक नहीं होगा।' उन्होंने कहा कि हमने महंगाई को जिस लेवल पर रोकने का टारगेट रखा है, कन्ज़यूमर प्राइस बेस्ड इन्फ्लेशन अभी उसके ऊपरी लेवल के करीब है। ऐसे में शायद ही कोई ऐसा हो जो कहे कि हमारा रुख कड़ा रहा है। जाहिर है, हमारे पिछले पॉलिसी स्टेटमेंट में संकेत दिया गया था कि हम मार्च 2017 तक महंगाई को घटाकर 5 पर्सेंट के आसपास लाने की उम्मीद कर रहे हैं।'