जीत के बाद PAK फैन्स ने लॉर्डस के बाहर जमकर काटा बबाल, देखिए वीडियो

Baloch Poster

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 जून): लॉर्ड्स के मैदान पर रविवार को पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच मैच खेला गया। ये मुकाबला पाकिस्तान और दक्षिण अफ्रीका दोनों के लिए काफी अहम था। हालांकि पाकिस्तान इस मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 49 रनों से हराने में कामयाब रहा और विश्वकप के अंतिम चार में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को कायम रखा। वहीं मैच खत्म होने के बाद पाकिस्तानी फैन्स ने स्टेडियम के बाहर जमकर बबाल काटा और हंगामा किया। पाकिस्तानी फैंस ने स्टेडियम के बाहर बलूट कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए पोस्ट को फाड़ दिया।

दरअसल पाकिस्‍तान के चंगुल से बलूचिस्तान को आजाद की लंबे असरे से मांग की जा रही है। लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के बाहर रविवार को बलूच समर्थकों ने पोस्टर लगाकर बलूचिस्तान में पाकिस्‍तान के 'अत्याचार' पर विरोध दर्ज कराया। पाकिस्‍तान और साउथ अफ्रीका के बीच मैच के दौरान ये पोस्टर क्रिकेट ग्राउंड के बाहर लगाए गए थे। मैच खत्म होने के बाद पाकिस्‍तानी समर्थकों ने बलूचिस्तान के समर्थन में लगे इन पोस्टरों को फाड़ दिया।  लॉर्ड्स मैदान के बाहर बलूचिस्तान समर्थकों ने अपने पोस्टर के जरिए पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के विरोध में समर्थन जुटने की कोशिश की थी। मैदान में साइकिल स्टैंड में लगे इस पोस्टर में लिखा था, '#EndEnforcedDisappearances'। गौरतलब है कि इस हैशटैग के जरिए ट्विटर पर बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तानी सेना द्वारा किए जा रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज बुलंद करने की एक मुहिम छेड़े हुए हैं। लेकिन रविवार को लॉर्ड्स के मैदान के बाहर इन पोस्टरों को पाकिस्तान के समर्थकों ने फाड़ा दिया। जैसे ही पाकिस्तान साउथ अफ्रीका का मैच खत्म हुआ। पाकिस्तानी फैन्स ने इन पोस्टरों पर धावा बोल दिया।

आपको बता दें कि पिछले महीने बलूचिस्तान की आजादी को लेकर जर्मनी के हनोवर में आंदोलन चलाया गया था और इसका नाम दिया गया था 'फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट'। इस आंदोलन में बलोच समर्थकों ने पाकिस्तान के एटमी हथियारों पर प्रतिबंध लगाने और बलूचिस्तान में किए जाने वाले एटमी परीक्षणों पर रोक लगाने की मांग की थी। आपको बता दें बलोच समर्थकों का आरोप रहा है कि पाकिस्तान ने 27 मार्च, 1948 को बलूचिस्तान पर कब्जा कर लिया और तब से बलूच के लोग अत्याचारों से पीड़ित हैं। बलूचों की शिकायत है कि बलूचिस्तान के लोगों को पाकिस्तान मार रहा है और उनका जनसंहार कर रहा है। बलूचिस्तान के कई नेता भारत से भी आग्रह कर चुके हैं कि उन्हें आजादी दिलाने में मदद की जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बाबत कई बार अपील की गई है।गौरतलब है कि बलूचिस्तानपाकिस्तान और वहां की सेना के अत्याचारों से तंग आ चुके हैं। बलूचिस्तान पाकिस्तान के कुल क्षेत्रफल का 44 फीसदी है, और अगर बलूचिस्तान पाकिस्तान से अलग हो गया तो दुनिया के नक्शे पर पाकिस्तान को ढूंढना बहुत मुश्किल हो जाएगा। बलूचिस्तान एक ऐसा संघर्ष क्षेत्र बन चुका है जहां से कोई रिपोर्टिंग नहीं करता क्योंकि वहां पाकिस्तानी सेना का नियंत्रण है और वहां के सच को दुनिया के सामने रखना आसान काम नहीं है। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना का कड़ा पहरा रहता है, ऐसे में जुल्म और अत्याचार की तस्वीरें दुनिया के सामने खुलकर नहीं आ पाती। पाकिस्तान के अत्याचारों से परेशान बलूचिस्तान के लोग चोरी-छुपे वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करते रहते हैं जिससे वहां की हकीकत सामने आ पाती है।