माया-अखिलेश के लेकर सच साबित हुई मोदी की ये भविष्यवाणी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (4 जून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की भविष्यवाणी सच साबित होती दिख रही है। उत्तर प्रदेश में मायावती और अखिलेश यादव का गठजोड़ टूटता दिख रहा है। मायावती ने अखिलेश यादव को झटका देते हुए  11 विधान सीटों पर होने वाले उपचुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है। मायावती के इस ऐलान का बाद अखिलेश यादव ने भी कहा कि उनकी पार्टी भी अपने दम पर उपचुनाव लड़ेगी। आपको बता दें कि तकरीबन 5 महीने पहले 23 साल पुरानी दुश्मनी को भूलकर समाजवादी पार्टी और बीएसपी ने एकसाथ लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। कांग्रेस को अखिलेश यादव, मायावती और अजीत सिंह लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में गठजोड़ किया था। लेकिन इस गठजोड़ को उत्तर प्रदेश की जनता ने साथ नहीं दिया। राज्य की 80 लोकसभा सीटों में से बीजेपी- 63, बीएसपी- 10, एसपी- 5 और कांग्रेस के खाते में एक सीटें आई।

आपको बता दें कि चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महागठबंधन को महामिलावट बताया था। नरेंद्र मोदी ने इसके साथ-साथ यह भी कहा था कि चुनाव के बाद यह गठबंधन नहीं टिकेगा। अब कहीं न कहीं प्रधानमंत्री मोदी की बात सच साबित होते दिख रही है। पीएम मोदी ने अपनी रैलियां में कहा था कि 23 मई के बाद बुआ-बबुआ की जोड़ी टूट जाएगी। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा था कि 23 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद बुआ-बबुआ की जोड़ी नहीं टिकेगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि एसपी-बीएसपी कार्यकर्ताओं के बीच खून-खराबे की आशंका के मद्देनजर वह सुरक्षा संबंधी एक 'एडवाइजरी' जारी करेंगे। एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी प्रमुख मायावती की तरफ इशारा करते हुए कहा 'अगली 23 मई को जब परिणाम आएगा तो बुआ बोलेगी कि बबुआ तो गुंडों का सरदार है। वहीं, बबुआ बोलेगा कि बुआ तो भ्रष्टाचार की प्रतिमूर्ति है। आप देख लेना। यह तय है। LJP अध्यक्ष रामविलास पासवान ने भी चुनाव बाद सपा-बसपा गठबंधन के टूटने की बात कही थी. मीडिया में जैसे ही ऐसी खबर आई उन्होंने ट्वीट करते हुए सपा-बसपा गठबंधन पर चुटकी ली और कहा कि लोकसभा चुनाव के दरमियान मैंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में, सपा-बसपा गठबंधन चुनावों के बाद टूट जाएगा। आज मैं फिर कहता हूं कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन समाप्त हो जाएगा।

गौरतलब है कि एसपी-बीएसपी गठबंधन से मुलायम सिंह यादव भी खुश नहीं थे। समाजवादी पार्टी के संरक्षक ने कहा था कि अखिलेश ने मुझसे पूछे बिना ही बीएसपी से गठबंधन कर लिया। आधी सीटें देने का आधार क्या है? अब हमारे पास केवल आधी सीटें रह गई हैं। हमारी पार्टी कहीं अधिक दमदार है। मुलायम ने कहा कि हम सशक्त हैं, लेकिन हमारे लोग पार्टी को कमजोर कर रहे हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी के 9, एसपी और बीएसपी के एक-एक विधायक के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राज्य की 11 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। इससे पहले तक बीएसपी उपचुनाव नहीं लड़ती थी। लेकिन मायावती ने इसबार उप चुनाव लड़ने का ऐलान कर सभी को चौंका दिया। साथ ही मायावती ने लोकसभा चुनाव में गठबंधन की सहयोगी, एसपी का वोटबैंक बीएसपी के पक्ष में स्थानांतरित नहीं होने की दलील देते हुए पार्टी पदाधिकारियों को कहा कि पार्टी अब 'गठबंधनों' पर निर्भर रहने के बजाय अपना संगठन मजबूत कर अपने बलबूते चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में बसपा को जिन सीटों पर कामयाबी मिली उसमें सिर्फ पार्टी के परंपरागत वोटबैंक का ही योगदान रहा। साथ ही बीएसपी प्रमुख ने कहा कि अखिलेश अपनी पत्नी डिंपल तक को नहीं जिता पाए। दो बार की सांसद डिंपल यादव उत्तर प्रदेश में अपनी कन्नौज सीट बीजेपी से हार गईं। उन्होंने कहा कि कन्नौज में यादव वोट नहीं मिले, हमारे पूरे वोट डिंपल को मिले। मायावती ने कहा कि परिणाम ने साफ संकेत दिया कि यादव समुदाय ने डिंपल यादव को वोट देने की बजाय बीजेपी प्रत्याशी का समर्थन किया।