लोक सभा के साथ विधान सभा चुनावों पर इलेक्शन कमीशन का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली (5 अक्टूबर): भारत के निर्वाचन आयोग ने कहा है कि सितंबर 2018 के बाद लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराए जा सकते हैं। भोपाल एक कार्यक्रम शामिल होने पहुंचे चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने कहा संसाधनों के अभाव के कारण सितंबर 2018 के पहले दोनों चुनाव एक साख संभव नहीं हो पायेंगे।
रावत के मुताबिक विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराने के लिये कुल 40 लाख मशीनों की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने इस बारे में चुनाव आयोग से जानकारी मांगी थी और तब आयोग ने सरकार को अपनी जरूरतों के बारे में बता दिया था। उन्होंने कहा कि इसके लिये केन्द्र सरकार की ओर से आवश्यक धनराशि उपलब्ध करा दी गई है।