समाजवादी पार्टी में घमासान, नरेश उत्तम की जगह ओमप्रकाश सिंह को बनाया जा सकता है प्रदेश अध्यक्ष

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (27 मई): लोकसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी बड़े फेरबदल की खबरें आ रही है। बताया जा रहा है कि समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम को उनके पद से हटाया जा सकता है। खबरों के मुताबिक नरेश उत्तम की जगह पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन बेहद ही खराब रहा है। समजावादी पार्टी लोकसभा चुनाव में महज 5 सीट जीत पाई है। वहीं बहुजन समाजवादी पार्टी के खाते में 10 सीटें आई है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव, मायावती और अजित सिंह ने पार्टी ने गठबंधन किया था। इस चुनाव में गठबंधन महज 15 सीटें जीत पाई। अजित सिंह की पार्टी आरएनएलडी का खाता भी नहीं खुल पाया।

एक रिपोर्ट के मुताबिक बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने सीटों के बंटवारे में एसपी अध्यक्ष अखिलेश यादव से बाजी मार ली। शायद इस हालात को एसपी के सबसे वरिष्ठ नेता मुलायम सिंह यादव भांप गए थे। यही वजह है कि उन्होंने टिकटों के गलत बंटवारे की बात कही थी। दरअसल एसपी के खाते में कई सीटें ऐसी आई थीं जहां पर उसका प्रदर्शन पहले बहुत ही खराब था और सीट बंटवारे में मायावती ने वो सारी सीटें ले लीं, जहां जातीय गणित के लिहाज से जीत का भरोसा था। एसपी को ऐसी कई सारी सीटें दे दी गईं, जहां सपा-बसपा का संयुक्त वोट किसी उम्मीदवार को जिताने लायक नहीं था। मसलन वाराणसी, लखनऊ, कानपुर और गाजियाबाद ऐसी ही सीटें थीं। इन सीटों पर पहले ही माना जा रहा था कि गठबंधन प्रत्याशी नहीं जीत पाएगा। मायावती ने मन मुताबिक सीटें ले लीं। वोटों के अदान-प्रदान के लहजे से देखें तो जिन 10 सीटों पर बीएसपी ने जीत दर्ज की है, वहां एसपी 2014 में दूसरे स्थान पर थी। इसी कारण एसपी को असफलता मिली। नगीना, बिजनौर, श्रावस्ती, गाजीपुर सीटों पर एसपी के पक्ष में समीकरण थे। दूसरा कारण गठबंधन की केमेस्ट्री जमीन तक नहीं पहुंची। सभाओं में भीड़ देखकर इन्हें लगा कि हमारे वोट एक-दूसरे को ट्रान्सफर हो जाएंगे। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

आपको बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश ने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था, उस समय भी हार का सामना करना पड़ा था। अब लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन काम नहीं आया.  यहीं पर, मायावती को यह मालूम था कि मुस्लिम वोटरों पर मुलायम की वजह से सपा की अच्छी पकड़ है। इसका फायदा मायावती को हुआ। मायावती ने जीतने वाली सीटें अपने खाते में ले ली। एसपी का वोट फिसदी 2014 के लोकसभा चुनाव के 22.35 फिसदी से घटकर इस बार 17.96 फीसदी रह गया। वोट प्रतिशत बीएसपी का भी घटा, लेकिन उसके वोट सीटों में बदल गए। 2014 के आम चुनाव में बीएसपी को 19.77 फीसदी मत मिले थे, जो इस बार घटकर 19.26 फीसदी रह गए।