EC की कार्रवाई को ममता ने बताया शाह के दबाव में हुआ फैसला, कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 मई): पश्चिम बंगाल में आखिरी दौर की वोटिंग से पहले सियासी घमासान जोरों पर है। बीजेपी और टीएमसी का एक दूसरे पर हमला लगातार जारी है। मंगलवार को हुई राजनीतिक हिंसा के बाद से टीएमसी और बीजेपी के बीच जुबानी जंग लगातार जारी है। वहीं चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चुनाव प्रचार में एक दिन की कटौती की है। चुनाव आयोग ने एडीजी (सीआईडी) और राज्य के प्रधान सचिव (गृह) को भी हटा दिया है। आयोग के इस कदम से नाराज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि चुनाव आयोग ने ये कार्यवाई बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के दबाव में किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अमित शाह से डरा हुआ है, इसीलिए उसने ऐसी एकतरफा कार्रवाई की है।  

तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग के फैसले को असंवैधानिक, गैर-कानूनी, पक्षपातपूर्ण और अनैतिक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के पास हमने भी कई शिकायतें कीं, मगर तब आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग अमित शाह से डरा हुआ है और उन्हीं के इशारे पर चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है। यह फैसला चुनाव आयोग का नहीं बल्कि मोदी का है।' ममता ने कहा कि अमित शाह ने बंगाल और बंगालियों का अपमान किया है।

वहीं कांग्रेस ने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया है। कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा कि कहा अगर बंगाल में हालत इतनी गंभीर है तो प्रचार पर रोक देना चाहिए। चुनाव आयोग क्यों इंतजार कर रहा है। क्या ये इसलिए किया जा रहा है कि पीएम की रैलियां हैं?

दरअसल, ममता बंगाल के लोगों को संदेश देने की कोशिश कर रही हैं कि विद्यासागर की मूर्ति बीजेपी के लोगों ने तोड़ी। अमित शाह पहले ही दीदी के इरादों को भांप गए थे। बुधवार को अमित शाह ने कहा था कि झूठे प्रकार की सिम्पैथी कलेक्ट करने के लिए ममता बनर्जी के कार्यकर्ताओं ने ही ईश्वर चंद विद्या सागर की प्रतिमा को तोड़कर एक नाटक और एक षड्यंत्र रचने का काम किया है। आपको बता दें कि आखिरी चरण में पश्चिम बंगाल की जिन 9 सीटों पर 19 मई को मतदान होना है, वो टीएमसी का गढ़ हैं। 2014 में सभी 9 सीटों पर टीएमसी का परचम लहराया था, सिर्फ दो सीटें कोलकाता उत्तर और दक्षिण पर बीजेपी दूसरे नंबर पर रही थी।