पश्चिम बंगाल: प्रचार के आखिरी दिन पीएम मोदी की 2 जनसभाएं, ममता भी दिखाएंगी दम

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (16 मई): चुनाव आयोग के फैसले के बाद पश्चिम बंगाल में आज अंतिम चरण की वोटिंग के लिए चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। पश्चिम बंगाल में आज रात 10 बजे चुनाव प्रचार थम जाएगा। इसी कड़ी में आखिरी चरण के रण में तमाम सियासी पार्टियों के दिग्गजों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री मोदी आज पश्चिम बंगाल में दो-दो चुनावी रैली करने वाले हैं। पीएम मोदी लक्ष्मीकांतापुर और दमदम में चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे। वहीं ममता बनर्जी भी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन अपना पूरा दम दिखाएंगी। आपको बता दें कि आखिरी चरण में 19 मई को पश्चिम बंगाल की 9 सीट-  दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरापुर, डायमंड हार्बर, जाधवपुर, कोलकाता दक्षिण, कोलकाता उत्तर में वोटिंग होनी है। 2014 के आम चुनाव में इन सभी 9 सीटों पर टीएमसी का परचम लहराया था, सिर्फ दो सीटें कोलकाता उत्तर और दक्षिण पर बीजेपी दूसरे नंबर पर रही थी।आपको बता दें कि बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में हुए विवाद के बाद चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए एक दिन की कटौती कर दी है। चुनाव आयोग ने कहा कि गुरुवार रात 10 बजे के बाद पश्चिम बंगाल की 9 लोकसभा सीटों पर कोई चुनाव प्रचार नहीं होगा। पहले चुनाव प्रचार शुक्रवार शाम 5 बजे खत्म किया जाना था। चुनाव आयोग ने ईश्चरचंद विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने को भी दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।  साथ ही चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चुनाव प्रचार में एक दिन की कटौती की है। चुनाव आयोग ने एडीजी (सीआईडी) और राज्य के प्रधान सचिव (गृह) को भी हटा दिया है। आयोग के इस कदम से नाराज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि चुनाव आयोग ने ये कार्यवाई बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के दबाव में किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अमित शाह से डरा हुआ है, इसीलिए उसने ऐसी एकतरफा कार्रवाई की है।  तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग के फैसले को असंवैधानिक, गैर-कानूनी, पक्षपातपूर्ण और अनैतिक करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के पास हमने भी कई शिकायतें कीं, मगर तब आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग अमित शाह से डरा हुआ है और उन्हीं के इशारे पर चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है। यह फैसला चुनाव आयोग का नहीं बल्कि मोदी का है।' ममता ने कहा कि अमित शाह ने बंगाल और बंगालियों का अपमान किया है। वहीं कांग्रेस ने इसे भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया है। कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा कि कहा अगर बंगाल में हालत इतनी गंभीर है तो प्रचार पर रोक देना चाहिए। चुनाव आयोग क्यों इंतजार कर रहा है। क्या ये इसलिए किया जा रहा है कि पीएम की रैलियां हैं?