पीएम मोदी का आरोप, अमेठी में नामदार का अस्पताल आयुष्मान कार्डधारकों का नहीं करता इलाज

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (6 मई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आरोप लगाया है कि अमेठी के संजय गांधी अस्पताल पर आयुष्मान कार्डधारकों का इलाज नहीं करने का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा अमेठी के संजय गांधी अस्पताल के ट्रस्‍टी हैं। दरअसल, अमेठी से बीजेपी उम्मीदवार और केन्‍द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को एक ट्वीट में अमेठी के संजय गांधी अस्‍पताल का जिक्र करते हुए कहा था कि 'आज मैं निशब्‍द हूं। कोई इतना गिर सकता है, यह कभी नहीं सोचा था। एक गरीब को सिर्फ इसलिये मरने दिया, क्‍योंकि उसके पास मोदी का आयुष्‍मान कार्ड था, पर अस्‍पताल राहुल गांधी का था। अस्‍पताल के ट्रस्‍टी राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा जवाब दें। एक निर्दोष को क्‍यूं मार दिया गया?'इसके बाद, बीजेपी के आधिकारिक टि्वटर हैंडल से किये गये ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के हवाले से कहा गया कि 'अमेठी में एक अस्‍पताल है. इस अस्‍पताल के ट्रस्‍टी नामदार परिवार के सदस्‍य हैं। कुछ दिन पहले इस अस्‍पताल में मौत से लड़ाई लड़ रहा एक गरीब आयुष्‍मान कार्ड लेकर अपना इलाज कराने गया तो उससे कहा गया कि ये मोदी का अस्‍पताल नहीं, जहां आयुष्‍मान कार्ड चल जाए।'वहीं अस्पताल प्रशासन ने पूरे आरोपों को निराधार बताया है। अस्पताल प्रशासन ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और स्मृति ईरानी के आरोपों को पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया है। प्रधानमंत्री द्वारा ग्‍वालियर में एक चुनावी रैली में अमेठी के मुंशीगंज स्थित संजय गांधी चिकित्सालय में आयुष्‍मान कार्ड धारक होने के कारण इलाज ना होने से एक मरीज की मौत और इसी आरोप को लेकर स्‍मृति द्वारा किये गये ट्वीट पर अस्पताल के निदेशक कैप्टन सूरज महेंद्र चौधरी ने रविवार को कहा कि ये इल्‍जाम पूरी तरह निराधार और राजनीति से प्रेरित है। चौधरी ने कहा कि अमेठी के सरैया मुसाफिरखाना गांव का रहने वाला मरीज नन्हे लाल पिछली 25 अप्रैल की रात करीब 11 बजे संजय गांधी अस्पताल में इलाज के लिए आया था। अत्‍यधिक शराब पीने के कारण उसका लीवर फेल हो गया था और उसकी हालत बेहद खराब थी। उन्‍होंने बताया कि नन्हे लाल के पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड नहीं था, फिर भी उसका इलाज शुरू किया गया और कहा गया अगर कार्ड हो तो मंगवा लेना, लेकिन 26 अप्रैल की सुबह उसकी मौत हो गई। अब स्मृति ईरानी द्वारा आज इस मामले को लेकर गलत आरोपों वाला ट्वीट किया जाना समझ से परे है। हमारे लिये हर मरीज बराबर है। स्मृति के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। उधर, नन्हे लाल के परिजनों का आरोप है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड होने के बाद भी संजय गांधी अस्पताल में उसका मुफ्त इलाज नहीं किया गया।