पिछड़ों के असली नेता मुलायम, मोदी फर्जी ओबीसी- मायावती

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 अप्रैल): यूपी की सियासत के दो सूरमा आपसी दुश्‍मनी को भुलाकर करीब 24 साल बाद आज चुनावी मंच पर साथ नजर आए। बीएसपी सुप्रीमो समाजवादी पार्टी (एसपी) के संरक्षक मुलायम सिंह के समर्थन में प्रचार करने के लिए मैनपुरी पहुंचीं । मुलायम सिंह ने भी मायावती के इस एहसान की जमकर प्रशंसा की और कहा कि इसे वह कभी भूल नहीं पाएंगे। मुलायम ने कहा कि मायावती ने हमेशा उनकी मदद की है। इस मौके पर मैनपुरी के लोग मुलायम को असली नेता मानते हैं, खासकर बैकवर्क क्लास के लोग। मुलायम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के नहीं हैं। मुलायम सिंह असली पिछड़े वर्ग के हैं, वह मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के नहीं हैं। मायावती ने लोगों से कहा कि पिछड़ों के वास्तविक नेता मुलायम सिंह यादव को चुनकर संसद भेजें। साथ ही मायावती ने कहा कि अखिलेश यादव ही नेताजी के असली उत्तराधिकारी हैं और पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

साथ ही मायावती ने कहा कि आप मुझसे जानना चाहेंगे कि मेरे साथ मुलायम सिंह सरकार में 2 जून 1995 के गेस्टहाउस कांड के बाद भी एसपी-बीएसपी गठबंधन कर चुनाव क्यों लड़ रहे हैं। इस गठबंधन के तहत मैं मैनपुरी में खुद मुलायम के समर्थन में वोट मंगने क्योंआई हूं। पार्टी के मूवमेंट के लिए कभी-कभी हमें कुछ कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। देश के वर्तमान हालत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

लगे हाथों मायावती ने प्रधानमंत्री, बीजेपी और कांग्रेस पर भी जमकर हमला किया। प्रधानमंत्री मोदी के  'सराब' वाले बयान का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि 'बीजेपी को केंद्र से उखड़कर फेंकने के लिए लोगों में इतना नशा (शराब पीकर नहीं) आ गया है कि अब लोग उन्हें वापस आने नहीं देंगे। साथ ही बीएसपी अध्यक्ष ने कहा कि पिछले लोकसभा के आम चुनावों में उन्होंने देश की जनता का कई तरह का प्रलोभन दिया था। उन्होंने 100 दिनों के अंदर कालाधन वापस लाकर पूरे देश के हर गरीब को 15-20 लाख रुपये आर्थिक मदद के रुपये में दिए जाएंगे। मैं मैनपुरी के लोगों से पूछना चाहता हूं कि पिछले 5 साल में किसी को 15 लाख मिले।

मायावती की बड़ी बातें....- मुलायम सिंह यादव ने मैनपुरी का काफी ध्यान रखा है, उन्होंने यहा काफी विकास किया है- मैनपुरी के लोग मुलायम को असली नेता मानते हैं, खासकर बैकवर्क क्लास के लोग।- मुलायम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के नहीं हैं-  मुलायम सिंह असली पिछड़े वर्ग के हैं, वह मोदी की तरह फर्जी पिछड़े वर्ग के नहीं हैं- नरेंद्र मोदी ने गुजरात में अपनी सत्ता का दुरुपयोग करते हुए खुद को पिछड़ा वर्ग में शामिल करवाया था और पिछले लोकसभा चुनाव में इसका फायदा भी उठाया था- मुलायम सिंह यादव ने समाज के हर वर्ग को अपने साथ जोड़ा है। खासकर पिछड़े वर्ग के लोगों को इन्होंने अपने साथ जोड़ा है। वह खुद भी पिछड़े वर्ग के हैं, श्री नरेंद्र मोदी की तरह नकली पिछड़े वर्ग के नहीं हैं- 1995 में हुए गेस्ट हाउस की घटना के बाद आपलोग के सवाल मुझसे होंगे, 'देशहित में कभी-कभी कठिन फैसले लेने पड़ते हैं। देशहित में सपा-बसपा का गठबंधन हुआ है।- बीजेपी-कांग्रेस और अन्य विरोधी पार्टियां आपको तरह तरह का प्रलोभन देंगी। कांग्रेस देशभर में घूमकर गरीबों को आर्थिक मदद की बात कर रही है, लेकिन इससे आपकी गरीबी दूर नहीं होगी। जब हम सत्ता में आएंगे तो गरीबों को स्थाई नौकरियां देंगे- पिछले लोकसभा के आम चुनावों में उन्होंने देश की जनता का कई तरह का प्रलोभन दिया था। उन्होंने 100 दिनों के अंदर कालाधन वापस लाकर पूरे देश के हर गरीब को 15-20 लाख रुपये आर्थिक मदद के रुपये में दिए जाएंगे। मैं मैनपुरी के लोगों से पूछना चाहता हूं कि पिछले 5 साल में किसी को 15 लाख मिले- अपने चुनावी वादों का 25 फीसदी भी नरेंद्र मोदी ने पूरा नहीं किया- इस चुनाव में बीजेपी की कोई नटकबाजी और जुमलेाजी काम में नहीं आएगी। इस बार नया नाटक 'चौकीदारी' भी इनको बचा नहीं पाएगी