जिस मुख्तार अंसारी के लिए शिवपाल से हुई रार, आज उनके भाई के लिए लोगों से वोट मांगेंगे अखिलेश यादव

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 मई): लोकसभा चुनाव 2019 की रण अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। तमाम पार्टियों के दिग्गजों अब अपना पूरा जोर 19 मई को होने वाले 7वें चरण के चुनाव प्रचार पर लगा रहे हैं। इसी कड़ी में आज समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती उत्तर प्रदेख के गाजीपुर में साझा रैली करने वाले हैं। दोनों नेता यहां अफजाल अंसारी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। बीएसपी ने गाजीपुर से बाहुबली मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी को उम्मीदवार बनाया है। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री रहते हुए जून 2016 अखिलेश यादव अफजाल अंसारी और उनकी कौमी एकता दल के एसपी में विलय पर मुलायम और शिवपाल के खिलाफ खड़े हो गए थे। अब बदली सियासी जरूरतों के मद्देनजर आज अखिलेश यादव अफजाल अंसारी को जिताने के लिए लोगों से अपील करते नजर आएंगे।

आपको बता दें कि 2016 में शिवपाल यादव ने मुलायम सिंह यादव की सहमति से मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का एसपी में विलय का ऐलान किया था। इस ऐलान से तत्कालीन मुख्यमंत्री और एसपी प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव खफा हो गए थे। अखिलेश ने इसका खुलकर विरोध किया और इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने वाले मंत्री बलराम यादव को कैबिनेट से बर्खास्त कर दिया गया था। अंसारी बंधुओं की एसपी में इंट्री समाजवादी कुनबे में हुए संग्राम की नींव थी। मुलायम के दखल के बाद एसपी संसदीय बोर्ड ने अंसारी की पार्टी के विलय के प्रस्ताव को रद्द कर दिया और बलराम यादव की दोबारा मंत्रिमंडल में वापसी हुई। इसके थोड़े दिन बाद ही अंसारी बंधुओं को लेकर अखिलेश यादव और शिवपाल में फिर ठन गई। दिसंबर में फिर मुलायम की सहमति पर शिवपाल ने न केवल कौमी एकता दल का एसपी में विलय कराया बल्कि अंसारी बंधुओं को टिकट देने का भी ऐलान कर दिया। इसके बाद अखिलेश यादव के हाथों में पार्टी की कमान आते ही कौमी एकता दल के विलय को रद्द कर दिया गया। इसके साथ ही अंसारी बंधुओं की प्रस्तावित सीटों से दूसरे उम्मीदवार घोषित कर दिए। अखिलेश के इस फैसले नाराज मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी ने कहा था कि अपनी ब्रांडिंग के लिए हमारा अपमान करने वाले अखिलेश ने एसपी को हाइजैक कर लिया है। पूर्वांचल में हमारी पार्टी सपा को उसकी औकात दिखा देगी। इसके बाद अंसारी बंधुओं ने अपनी पार्टी कौमी एकता दल का विलय बीएसपी में कर दिया था। 

गौरतलब है कि गाजीपुर सीट से केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा यहां से चुनाव लड़ रहे हैं और 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां उनके समर्थन में रैली कर चुके हैं। आपको बता दें कि गाजीपुर में यादव और दलित वोटर बड़ी तादाद में हैं। यहां यादव 3.75 से 4 लाख, दलित 3.50 से 4 लाख, बिंद 1.50 से 1.75 लाख, ब्राह्मण 80 हजार से 1 लाख, कुशवाहा 1.50 से 1.75 लाख, राजभर 75 हजार से 1 लाख, अन्य ओबीसी 3 लाख, मुस्लिम 1.50 से 1.75 लाख, भूमिहार 50 हजार से अधिक, क्षत्रिय 1.75 से 2 लाख, वैश्य 90 हजार से 1 लाख, अन्य सवर्ण जातियां 50 हजार के आसपास हैं। आपको बता दें कि सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनाव के तहत अबतक 543 सीटों में से 484 सीटों पर वोटिंग हो चुकी है। सातवें  और आखिरी चरण में 19 मई को बाकी बचे 59 पर वोटिंग होनी है। आखिरी चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर वोटिंग होनी है। इस चरण में बिहार-8, झारखंड-3, मध्य प्रदेश-8, पंजाब-13, पश्चिम बंगाल-9, चंडीगढ़-1, उत्तर प्रदेश-13 और हिमाचल प्रदेश-4 सीटों पर वोटिंग होनी है।