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बंगाल में बवाल: बीजेपी ने EC से ममता के चुनाव प्रचार पर बैन की मांग की, ममता का पलटवार

लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान से पहले पश्चिम बंगाल की सियासत गरमा गई है। आखिरी चरण में 19 मई को पश्चिम बंगाल की 9 सीटों समेत 8 राज्यों की कुल 59 सीटों पर वोटिंग होनी है।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 मई): लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण के मतदान से पहले पश्चिम बंगाल की सियासत गरमा गई है। आखिरी चरण में 19 मई को पश्चिम बंगाल की 9 सीटों समेत 8 राज्यों की कुल 59 सीटों पर वोटिंग होनी है। जबकि 23 मई को चुनाव नतीजे आएंगे। हालांकि इससे पहले बंगाल में बवाल हो गया है। बीजेपी और टीएमसी ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। 

मंगलवार को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो में पत्थरबाजी और झड़प का मामला देर शाम चुनाव आयोग पहुंच गया। कोलकाता में हुई हिंसा के विरोध में देर रात बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। बीजेपी के डेलिगेशन ने चुनाव आयोग से बंगाल के मामले में दखल देने की मांग की। बीजेपी ने अराजक तत्वों और हिस्ट्रीशीटरों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। बीजेपी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने समर्थकों को हिंसा के लिए भड़का रही हैं इसलिए उनके प्रचार करने पर बैन लगाया जाए। केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने चुनाव आयोग के रोल पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के बार-बार शिकायत करने के बाद भी चुनाव आयोग ने कोई कदम नहीं उठाया।

वहीं ममता बनर्जी ने बीजेपी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा, 'बीजेपी हताश हो चुकी है। वे हमारी महान विभूतियों का भी सम्मान नहीं करते हैं। वे विद्यासागर की प्रतिमा को कैसे तोड़ सकते हैं? हम इसके खिलाफ एक विरोध रैली करेंगे।' बीजेपी पर हमला करते हुए CM ने आरोप लगाया कि वह (बीजेपी) बंगाल के बाहर से गुंडों को ला रही है। इससे पहले शाम में एक रैली में उन्होंने कहा कि बीजेपी के खिलाफ हर एक वोट विद्यासागर की प्रतिमा पर हमले का बदला होगा।

आपको बता दें कि बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच हिंसा उस वक्त भड़की थी जब अमित शाह का रोड शो विद्यासागर कॉलेज के पास से गुजर रहा था। बीजेपी का आरोप है कि कॉलेज के हॉस्टल से रोड शो पर पथराव हुआ जिसके बाद हिंसा भड़क गई। हालांकि छात्रों ने बीजेपी पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि बंगाल में इस बार कांटे की लड़ाई है। आखिरी दौर का बैटल जीतने के लिए भी गला काट मुकाबला चल रहा है। नेताओं की बयानबाजी आग में घी डालने का काम कर रही है। फिलहाल बंगाल का सियासी पारा गरम है। आखिरी दौर का चुनाव होने तक इसमें कई और रंग देखने को मिल सकते हैं।

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