सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा राहुल गांधी की नागरिकता का विवाद, चुनाव लड़ने पर रोक की है मांग

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (2 मई): कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता का विवाद देश की बड़ी अदालत में पहुंच गया है। पूरे मामले में एक याचिका के जरिए राहुल गांधी के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने की मांग की गई है। मामले की अगली सुनवाई अगले हफ्ते होगी। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि राहुल गांधी के चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि गृह मंत्रालय इस बारे में मिली शिकायत पर जल्द कार्रवाई करे और राहुल को चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दिया जाए। इसके अलावा राहुल गांधी का नाम मतदाता सूची से नाम भी हटाया जाए।

यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के जयभगवान गोयल और हिंदू महासभा के चंद्रप्रकाश कौशिक ने सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता को लेकर याचिका दायर की है। हालांकि, साल 2015 में सुप्रीम कोर्ट राहुल गांधी की नागरिकता की सीबीआई जांच की मांग को ठुकरा चुका है। तत्कालीन चीफ जस्टिस एचएल दत्तू ने वकील एमएल शर्मा की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि जनहित याचिका को किसी व्यक्ति/ संस्थान को टारगेट करने के लिए बल्कि अच्छे प्रशासन के जरिये लोगों की तकलीफ करने के मकसद से लाया गया था।आपको बता दें कि पिछले दिनों गृह मंत्रालय ने दोहरी नागरिकता पर राहुल गांधी को नोटिस जारी किया था। इसका जवाब देने के लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है।  नोटिस में राहुल गांधी से पूछा गया है कि दोहरी नागरिकता के आरोपों पर उनका क्‍या कहना है? वहीं, गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी को सामान्य कार्रवाई के तहत नोटिस भेजा गया है। राहुल गांधी के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।गौरतलब है कि इससे पहले राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता का मुद्दा अमेठी के निर्दलीय प्रत्याशी ध्रुव राज ने उठाया था। उनका कहना था कि ब्रिटिश कंपनी पांच साल अस्तित्व में रही थी और उसने कुछ मुनाफा कमाया होगा, लेकिन राहुल के हलफनामे में उसका जिक्र नहीं है। इसके बाद बीजेपी ने भी पूछा कि 2004 में दिए चुनावी हलफनामे के अनुसार राहुल गांधी ने किस कंपनी में निवेश किया था?