राबड़ी देवी के दावे पर प्रशांत किशोर का पलटवार, लालू यादव को दी ये चुनौती

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 अप्रैल): बिहार में जेडीयू नेता प्रशांत किशोर और लालू यादव के बीज जुबानी जंग तेज हो गई है। न्यूज़ 24 ने कल राबड़ी देवी का इंटरव्यू दिखाया था जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रशांत किशोर लालू यादव से मिलने आए थे और गठबंधन की बात कही थी। जिस पर अब प्रशांत किशोर ने पलटवार किया है। प्रशांत किशोर ने आरजेडी प्रमुख लालू यादव को चुनौती दी है कि जब चाहे मीडिया के सामने आ जाएं। ताकि सबको पता चल जाए कि मुलाकात के दौरान क्या बात हुई थी और किसने किसको क्या ऑफर दिया था। प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया, 'लालू यादव जी जब चाहें मेरे साथ मीडिया के सामने बैठ जाएं। सबको पता चल जाएगा कि मेरे और उनके बीच क्या बात हुई और  किसने क्या ऑफर दिया।' जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने कहा है कि सरकारी पदों का दुरुपयोग करने वाले और फंडों में धांधली करने के दोषी ठहराए जा चुके लोग सच के रक्षक बन रहे हैं।

दरअसल राबड़ी देवी ने दावा किया था कि चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने उनके पति लालू प्रसाद यादव से मुलाकात कर आरजेडी और नीतीश कुमार के जेडीयू का विलय का प्रस्ताव दिया था। राबड़ी देवी ने दावा किया था कि प्रशांत किशोर ने लालू प्रसाद से मुलाकात की थी और प्रस्ताव रखा था कि आरजेडी और नीतीश कुमार के जेडीयू का विलय हो जाए और इस प्रकार बनने वाले नए दल को चुनावों से पहले अपना प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिए। बड़ी देवी ने यह भी कहा था कि अगर प्रशांत  किशोर लालू प्रसाद से इस प्रस्ताव को लेकर मुलाकात करने से इनकार करते हैं तो वह 'सफेद झूठ' बोल रहे है। आरजेडी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राबड़ी देवी ने कहा, 'मैं इससे बहुत नाराज हो गई और उनसे निकल जाने को कहा क्योंकि नीतीश के धोखा देने के बाद मुझे उन पर भरोसा नहीं रहा।'इससे पहले प्रशांत किशोर बता दें हाल ही में लालू यादव ने दावा किया था कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होने के 6 महीने बाद ही दोबारा से महागठबंधन में शामिल होना चाहते थे। इस संबंध में लालू यादव ने कहा था कि इसके लिए प्रशांत किशोर ने पांच बार लालू से मुलाकात की थी। लालू के इस दावे को प्रशांत किशोर ने खारिज करते हुए कहा था कि ये सारी बातें बकवास हैं। तब प्रशांत किशोर ने कहा था कि, 'हां मैंने जदयू ज्वाइन करने से पहले लालू यादव से मुलाकात की थी लेकिन ऐसी कोई बात नहीं हुई थी। अगर मुझसे ये पूछा जाए कि लालूजी से क्या-क्या बातें हुई और अगर मैंने बता दिया तो लालू जी को काफी शर्मिंदगी महसूस होगी।'