मोदी फिर बने पीएम तो इन योजनाओं के सिर सजेगा जीत का सेहरा !

पंकज मिश्रा, न्यूज 24, नई दिल्ली (23 मई): लोकसभा चुनाव अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। तमाम प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद है। 17वीं लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 542 सीटों पर हुई वोटिंग के बाद आज मतगणना का दिन है। जिसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। निर्वाचन आयोग वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू करेगा। और कुछ देर बाद रुझान आने शुरू हो जाएंगे। 19 मई को लोकसभा चुनाव के आखिरी दौर की वोटिंग होने के बाद रविवार को एग्जिट पोल जारी किया गया। तमाम एग्जिट पोल्स में मोदी सरकार की दोबारा सत्ता में वापसी के संकेत मिल रहे हैं। एग्जिट पोल न सिर्फ मोदी सरकार की वापसी की तरफ इशारा कर रहे हैं बल्कि ये भी कह रहे हैं कि एक बार फिर मोदी प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं। न्यूज 24 टुडेज चाणक्य का पोल 350 सीटों के साथ मोदी की वापसी दिखा रहा है। इनमें अकेले बीजेपी को 300 सीटें मिल सकती हैं। आपको याद होगा कि पिछले लोकसभा चुनाव में भी हमने सबसे सटीक आंकलन किया था। इस बार के पोल कितने सही साबित होंगे, ये तो काउंटिंग के बात ही पता चलेगा। लेकिन सारे पोल एक बात साफ साफ कह रहे हैं फिर एक बार, मोदी सरकार।

अगर ये अनुमान सच्चाई में बदल गए तो 21वीं सदी में पीएम मोदी ही एक बार फिर सत्ता की बदलती राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा होंगे। पीएम मोदी के खाते में ये रिकॉर्ड भी जाएगा कि पहले तो उन्होंने बीजेपी को पूर्ण बहुमत वाली सरकार दिलाई, फिर लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत की सरकार को कायम रखा। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार ने ऐसा क्या किया जिसने उन्हें जनप्रिय नेता बना दिया और जनता ने इसकी तसदीक बीजेपी और एनडीए के प्रत्याशियों के सामने वाले बटन को दबा कर दिया। दरअसल हम बात कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार के उन बड़े कामों की जो गेमचेंजर साबित हुआ और जिसने पीएम मोदी को मौजूदा वक्त में न सिर्फ देश का सबसे लोकप्रिय नेता बना दिया, बल्कि उन्हें वोटर्स के भी काफी करीब ला दिया।पीएम 

मोदी सरकार के लिए गेमचेंजर साबित हुई ये योजनाएं...

उज्ज्वला योजना

मोदी सरकार ने उज्जवला योजना के तहत 6 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त में LPG कनेक्शन दिया गया। साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी एनडीए के नेता जमकर प्रचार करते नजर आए। हालांकि विपक्ष इस योजना को लेकर केंद्र को कठघरे में खड़ा करता रहा। लेकिन जिन लोगों को इस योजना का फायदा मिला, उन लोगों ने जरूर मोदी सरकार के पक्ष में वोट किया।

घर-घर शौचालय

2014 में अपनी सरकार बनते ही प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले 'स्वच्छ भारत मिशन' अभियान चलाया। 'स्वच्छ भारत' नारे के साथ मोदी सरकार ने घर-घर शौचालय बनवाने का काम शुरू किया और लोगों को 12 हजार रुपये की मदद की। मोदी सरकार की इस पहल से देश के लाखों-करोड़ों घरों में शौचालय बना और भारी तादाद में लोग खासकर महिलाओं को खुले में शौच से राहत मिली। एग्जिट पोल में पीएम मोदी को लेकर लहर दिख रही से लगता है कि इस योजना के तहत लाभांवित परिवारों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए लहर पैदा किया।

किसानों के खाते में पहुंचे पैसे

मोदी सरकार ने अपने अंतिम बजट में किसानों को खुश करने के लिए बड़ा ऐलान किया। मोदी सरकार ने अंतरिम बजट में किसानों के लिए बड़ी घोषणा की। सरकार ने इनकम सपोर्ट प्रोग्राम के तहत किसानों को 6 हजार रुपये प्रति साल मदद राशि देने का ऐलान किया और वोटिंग से पहले लोगों के खाते में 2-2 हजार रुपये की दो किस्तें पहुंच भी गई। लगता है कि जिन किसानों के बैंक खाते में 'पीएम किसान सम्मान निधि' के तहत पैसे पहुंचे, उन किसानों ने कमल पर बटन दबाने में कोई झिझक नहीं दिखाई।  कर ने से पीछे नहीं हटे.

आयुष्मान भारत योजना

लोकसभा चुनाव से तकरीबन 6 महीने पहले मोदी सरकार इलाज के लिए 'आयुष्मान भारत योजना' आई और ये योजना पीएम मोदी के लिए गेमचेंजर साबित होती दिख रही है। प्रधानमंत्री मोदी तकरीब हर चुनावी सभा में इसका जिक्र किया। पीएम मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे आने वाले परिवारों को 5 लाख रुपये तक का नकदी रहित (कैशलेस) स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है। पीएम मोदी की मानें तो इससे योजना से 10 करोड़ परिवारों के 50 करोड़ सदस्यों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। ऐसे में लगता है कि इस योजना के लाभांवितों ने खुलकर मोदी सरकार के पक्ष में वोट किया।

आयकर में 2. 5 लाख की छूट

मोदी सरकार ने अंतरिम बजट 2019 में आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का ऐलान किया। आयकर छूट की सीमा बढ़ाने से नौकरी-पेशा मध्यवर्गीय परिवार को मोदी सरकार के और करीब ला दिया। क्योंकि हर कोई महंगाई के इस दौर में आयकर छूट की सीमा बढ़ाने की उम्मीद कर रहा था।

सुकन्या समृद्धि योजना

मोदी सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना को बेटियों के सम्मान से जोड़ा। और जमकर इसका प्रचार भी किया। इस योजना को हर बेटी के पिता ने हाथों हाथ लिया। भारी तादाद में लोग अपनी लाडली की भविष्य के लिए इस योजना से जुड़े और आज भी जुड़ रहे हैं। ये योजना के 10 साल से कम उम्र की बच्ची के लिए उच्च शिक्षा और शादी के लिए बचत करने के लिहाज से लॉन्च किया। इस योजना को 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' स्कीम के तहत लांच किया गया था।

मुद्रा योजना

बेरोजगारी को लेकर मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर रही। चुनाव प्रचार के दौरान जॉबलेस ग्रोथ को लेकर मोदी सरकार की कड़ी आलोचना भी हुई, लेकिन केन्द्र सरकार का दावा है कि उसने फ्लैगशिप प्रोग्राम मुद्रा के जरिए लोन देते हुए रोजगार के करोड़ों नए अवसर पैदा किया। लेकिन एग्जिट पोल से मिल रही रूझान से लगता है कि जिन लोगों को मुद्रा योजना ने संवारा उन्होंने चुनाव में बीजेपी का साथ  दिया। सरकार का दावा है कि मुद्रा योजना के जरिए 13 करोड़ लोगों को कर्ज दिया गया।

सवर्ण गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण

लंबे अरसे से आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण गरीबों के लिए आरक्षण की मांग हो रही थी। मोदी सरकार ने चुनाव से ठीक पहले गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का बड़ा दांव चला। दरअसल एससी-एसटी एक्ट पर मोदी सरकार के रुख से अगड़ी जातियों में नाराजी थी और उसे इसका खामियाजा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में भुगतना पड़ा था। इसके बाद मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के लोगों के लिए सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में 10 फीसदी आरक्षण का ऐलान कर दिया।

गंगा हो रही है निर्मल

गंगा की सफाई और निर्मल गंगा तकरीबन-तकरीबन सभी सरकारों के लिए चुनती रहा है। विपक्ष मोदी सरकार की 'नमामि गंगे योजना' विफल बताती रही है, लेकिन सरकार ने गंगा किनारे बसे लोगों और गंगा में आस्था रखने वालों को हमेशा भरोसा दिया कि गंगा निर्मल हो रही है। प्रयागराज में कुंभ मेले के दौरान जिसने भी गंगा में डुबकी लगाई उन्होंने कहा कि गंगा निर्मल हो रही है।

बालाकोट एयरस्ट्राइक से राष्ट्रवाद

17वीं लोकसभा चुनाव में आतंकवाद और पाकिस्तान बड़ा मुद्दा रहा। चुनाव से ठीक पहले पुलवामा हमले के जवाब में आतंकियों के ठिकाने पर एयरस्ट्राइक वोटरों में भी चर्चा का विषय रहा। पाकिस्तान की आतंकवादी करतूतों का मुंहतोड़ जवाब एक ऐसा ब्रह्मास्त्र साबित होता दिख रहा है जिसने विपक्ष को निहत्था कर दिया।  2019 के चुनाव में अगर बीजेपी जीत के प्रचंड रथ पर सवार नजर आ रही है तो इसमें लोगों की ये धारणा काम कर रही है कि मोदी है तो पाकिस्तान को करारा जवाब मुमकिन है।