JDU के कोटे से एक भी मंत्री को नहीं मिली जगह, क्या- मनचाहे मंत्रीपद की मांग की वजह से हुआ मनमुटाव ?

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (31 मई): 17वीं लोकसभा चुनाव में मिले प्रचंड जीत के बाद गुरुवार को नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में पद और गोपनियता की शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पीएम मोदी और उनके मंत्रिमंडल को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नई सरकार में पीएम मोदी सहित 25 कैबिनेट मंत्री, 9 राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और 24 राज्य मंत्रियों ने शपथ ली। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  ने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने से पहले अपनी मंत्रिपरिषद को व्यवस्थित रूप देने के लिए BJP अध्यक्ष अमित शाह  के साथ कई दौर की वार्ता की। पीएम मोदी के कैबिनेट में इस बार अनुभव के साथ ही युवा शक्ति पर भी जोर दिया गया है। पीएम मोदी और अमित शाह की बैठक के बाद संभावित मंत्रियों को फोन करके पीएम मोदी से मिलने के लिए बुलाया गया था।

एनडीए को 39 सीटें देने वाली बिहार से 6 मंत्री बने हैं। राम विलास पासवान, रविशंकर प्रसाद, गिरिराज सिंह को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। जबकी राजकुमार सिंह को स्वत्रंत प्रभार का राज्यमंत्री तो अश्विनी चौबे और नित्यानंद राय राज्यमंत्री बने हैं। लेकिन बिहार में बीजेपी के अहम सहयोगी जेडीयू के किसी भी सांसद को मोदी मंत्रिमंडल में शपथ नहीं मिली। दरअसल मोदी मंत्रिमंडल में जेडीयू का कोई भी सदस्य नहीं है। जनता दल यूनाइटेड ने इस बार बिहार में 17 सीटों पर चुनाव लड़ा था, इनमें 16 सीटों पर जीत दर्ज की है।

नरेंद्र मोदी ने दोबारा मंत्री पद की शपथ ले ली है और एक बार फिर जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार नाराज हैं। बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी जेडीयू नरेंद्र मोदी सरकार का हिस्सा नहीं होगी क्योंकि पार्टी 'प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व' नहीं चाहती है। उन्होंने कहा, 'वे गठबंधन के प्रत्येक साथी को एक-एक कैबिनेट रैंक देना चाहते थे। तब हमने कहा कि हम अपने पार्टी सदस्यों से इस बारे में बात करेंगे और फिर इस प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व के बारे में कुछ कह सकते हैं।' साथ ही उन्होंने कहा, 'मैंने अपने पार्टी नेताओं और लोगों से बात की और वे एक सीट और प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व के लिए तैयार नहीं हुए और इस बारे में हमने बीजेपी को बता दिया। उन्होंने हमें सुबह फिर से फोन किया और हमने फिर से उन्हें अपने निर्णय के बारे में बता दिया।' आपको बता दें कि नीतीश कुमार बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी आए थे और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी। शाह से मुलाकात करने के बाद नीतीश ने शाम को अपने पार्टी नेताओं से मुलाकात की थी। गौरतलब है कि बिहार में 17 सीटों पर लड़ने वाली जेडीयू को 16 सीटों पर जीत मिली थी। ऐसे में पार्टी नेतृत्व को ये भरोसा था कि कैबिनेट में उसे अच्छी खासी जगह मिल सकती है।