#News24TodaysChanakya: बिहार में बीजेपी गठबंधन को भारी बढ़त, 40 में से 32 सीटें मिलने का अनुमान

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 मई): 17वीं लोकसभा का चुनाव अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। सातवें और आखिरी चरण की वोटिंग के बाद अब देश ही नहीं दुनिया की नजर 23 मई को होने वाले गिनती पर है। 23 मई को वोटों के गिनती के बाद ही तय हो पाएगा कि भारत का राजनीतिक भविष्य अगले पांच सालों के लिए किस करवट बैठेगा। सभी के मन में सवाल है कि नरेंद्र मोदी फिर एक बार सत्तासीन होंगे या सत्ता में बदलाव आएगा ? इन सबको लेकर कयासों का बाजार गर्म है। लोग अनुमान लगा रहे हैं मोदी रहेंगे या जाएंगे। 2014 की तरह इस बार भी बहुमत की सरकार बनेगी या फिर खिचड़ी की सरकार। इस बार किस पार्टी को कितनी सीटें मिलेगी और कौन सी पार्टी सरकार बनाएगी। इन सारे सवालों का जवाब तो 23 मई को मतगणना के बाद ही पता चल पाएगा कि वो 542 लोग कौन हैं, जिन्हें जनता ने संसद भेजने के लिए चुना है, लेकिन वोटों की गिनती और नतीजों से पहले आपका अपना पसंदीदा न्यूज चैनल न्यूज 24 एग्जिट पोल जारी करने जा रहा है। न्यूज 24 ने टुडेज चाणक्य के साथ मिलकर सबसे विश्वसनीय एग्जिट पोल तैयार किया गया है। हालांकि मतगणना से पहले तो वास्तविक परिणाम बताए नहीं जा सकते, लेकिन लोगों की जिज्ञासा को कैसे शांत किया जाए, इसके लिए न्यूज 24 ने टुडेज चाणक्य के साथ मिलकर इसका रास्ता निकाला है।न्यूज 24 ने टुडेज चाणक्य एग्जिट पोल के मुताबिक उत्तर भारत की अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी बीजेपी और उसके सहयोगी दलों का डंका बजता दिख रहा है। यहां की कुल 40 सीटों में से बीजेपी और उसके सहयोगी दलों को 32 (+/-4) सीट मिलने का अनुमान है। वहीं यहां कांग्रेस और उसके सहयोगियों को 8 (+/-4) सीटें मिल सकती है। जबकि यहां भी अन्य का खाता खुलता नहीं दिख रहा है। यहां अन्य के खाते में 0 (+/-1) सीटें मिलने का अनुमान है। वोट प्रतिशत की बात करें तो बीजेपी  को 46% (+/-3%), कांग्रेस-आरजेडी गठबंधन को  38% (+/-3%)  अन्य को 16% (+/-3%) फीसद वोट मिलता दिख रहा है। यानी बिहार में भी बीजेपी का डंका बजता दिख रहा है।आपको बता दें कि न्यूज 24 और टुडेज चाणक्य ने सभी 7 चरणों में हुए मतदान के दौरान मतदाताओं के रुझान का जायजा लेकर इस एग्जिट पोल को तैयार किया है। यह समझने का प्रयास किया गया है कि इस बार किस दल को कितनी सीटें मिल सकती हैं। न्यूज 24 पर एग्जिट पोल आने के बाद कयासों के बाजारों पर लगभग ब्रेक लग गया है और तकरीबन-तकरीबन 17वीं लोकसभा की तस्वीर भी साफ हो गई।