मायावती का PM मोदी पर हमला, कहा- वोट से लिए अगड़ी से पिछड़ी जाति में शामिल हुए

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 अप्रैल): बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी पर एकबार फिर बड़ा हमला किया है। मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी पर वोट से लिए अगड़ी जाति से पिछड़ी जाति में शामिल होने का आरोप लगाया। बीएसपी अध्यक्ष ने कहा है कि नरेंद्र मोदी अगड़ी जाति से आते थे, लेकिन गुजरात में अपनी सरकार के दौरान इन्होंने अपनी जाति को पिछड़ी जाति में शामिल करवा दिया। साथ ही मायावती ने देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन आरोपों को खारिज  जिसमें प्रधानमंत्री ने कन्नौज में उनपर और अखिलेश यादव पर नीच कहने का आरोप लगाया था। मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि उन्होंने कभी भी नरेंद्र मोदी को कभी नीच नहीं कहा।आपको बता दें कि चौथे चरण के प्रचार के लिए अंतिम दिन शनिवार को जाति का मुद्दा छाया रहा। पीएम नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार करने जब उत्तर प्रदेश के कन्नौज पहुंचे तो वहां से वह बीएसपी और अखिलेश यादव पर खूब बरसे। नरेंद्र मोदी ने कहा कि वोट के बीएसपी ने एसपी द्वारा बाबा साहेब के किए गए अपमान को भुला दिया। पीएम मोदी ने कहा कि 'ये मत भूलिए तिर्वा में समाजवादी पार्टी ने कैसे बाबा साहेब आंबेडकर का अपमान किया था, यह बीएसपी ने भुला दिया है, सत्ता के लिए, कुर्सी के लिए बाबा साहेब का अपमान करने वाले लोगों को मायावती गले लगाती हैं।' साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि वह जाति की राजनीति नहीं करते हैं, लेकिन बताना चाहेंगे कि वह पिछड़ा नहीं, बल्कि अति पिछड़ा हैं, लेकिन देश को अगड़ा बनाना चाहते हैं। एसपी-बीएसपी पर बरसते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये दोनों पार्टियां उनकी जाति को लेकर प्रमाण पत्र बांट रही हैं, जो खेल उन्होंने कभी खेला नहीं, लेकिन वे बता देना चाहता हूं कि उनकी जाति अति पिछड़ी जाति है और इनती छोटी है कि गांव में एक-दो ही घर उनकी जाति के होते हैं।आपको बता दें कि मैनपुरी की रैली में मायावती ने कहा था कि मुलायम सिंह असल में पिछड़ी जाति के नेता हैं, जबकि मोदी फर्जी पिछड़ी जाति के हैं। शनिवार को कन्नौज में नरेंद्र मोदी की रैली खत्म होने के बाद मायावती देर शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि नरेंद्र मोदी अगड़ी जाति के हैं और गुजरात में जब इनकी सरकार थी तो उन्होंने अपनी जाति को पिछड़ी जाति में शामिल करा लिया. मायावती ने कहा कि पीएम मोदी दलित विरोधी हैं,  रोहित वेमुला और ऊना कांड इसके गवाह हैं। मायावती ने मंडल कमीशन का जिक्र करते हुए कहा कि मंडल कमीशन का विरोध बीजेपी ने किया था और सभी आरक्षण विरोधी इनके साथ हैं।