EVM पर घमासान, जानें- चुनाव नतीजों से पहले विपक्ष क्यों बना है 'चौकीदार' ?

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (23 मई):  इंतजार की घड़ियां खत्म होने वाला है। 17वीं लोकसभा चुनाव 2019 के लिए 542 सीटों पर हुई वोटिंग के बाद आज मतगणना का दिन है। जिसकी पूरी तैयारी हो चुकी है। निर्वाचन आयोग वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू करेगा। आपको बता दें कि 19 मई को लोकसभा चुनाव के आखिरी दौर की वोटिंग होने के बाद रविवार को एग्जिट पोल जारी किया गया। तमाम एग्जिट पोल्स में मोदी सरकार की दोबारा सत्ता में वापसी के संकेत मिल रहे हैं। इस एग्जिट पोल्स ने विपक्षी खेमे हलचल तेज कर दी है। परिणाम से ठीक पहले पूरे देश में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग और बीजेपी पर हमला बोल रहे हैं। यूपी और बिहार से आई इन शिकायतों पर चुनाव आयोग ने सफाई दी है और आरोपों को निराधार बताया है। इस बीच ईवीएम की सुरक्षा में कोई कोर-कसर न रह जाए, इसके लिए प्रत्‍याशियों ने चाक-चौबंद व्‍यवस्‍था कर रखी है।

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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर और चंदौली जैसे मामलों को आधार बनाकर विपक्ष चुनाव आयोग पर हमलावर है, लेकिन चुनाव आयोग ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि सभी EVM कड़ी सुरक्षा में हैं। इसके बावजूद सियासी पार्टियों ने स्ट्रॉन्ग रूम यानी जहां EVM रखी गई हैं, वहां पर पूरी मुस्तैदी के साथ अपने लोगों को सुरक्षा में लगा रखा है। इसके अलावा पार्टियां कई एहतियात बरत रही हैं और मतगणना के लिए निर्देश भी जारी किए हैं। वोटिंग खत्म होते ही सभी EVM को स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है, जो पूरी तरह से लॉक और सीसीटीवी की निगरानी में है. स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा सीआरपीएफ कर रही है। स्ट्रॉन्ग रूम के अंदर किसी को जाने की इजाजत नहीं है। हालांकि, स्ट्रॉन्ग रूम के सामने परिसर में हर प्रत्याशी को अपने एजेंट को निगरानी करने की इजाजत दी गई है।

आपको बता दें कि एक स्ट्रॉन्ग रूम में एक से लेकर तीन विधानसभा की EVM रखी गई हैं। यह स्ट्रॉन्ग रूम की क्षमता पर निर्भर करता है। उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी और कांग्रेस के प्रत्याशियों ने स्ट्रॉन्ग रूम पर अपने एजेंट तो नियुक्त कर ही रखे हैं, साथ ही स्ट्रॉन्ग रूम से बाहर  करीब 50 मीटर दूरी पर अपने दस से बीस लोगों को निगरानी के लिए लगा रखा है। ये लोग आठ-आठ घंटे के अंतराल पर सुरक्षा कर रहे हैं। वहीं एसपी और बीएसपी ने मतगणना के लिए अपने प्रत्याशियों के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बसपा ने अपने प्रत्याशियों से कहा कि काउंटिग एजेंट को पीठासीन अधिकारी के द्वारा प्राप्त की गई EVM को काउंटिग के दौरान खुलने से पहले हर हाल में नंबर का मिलान कराएं। इसके साथ यह सुनिश्चित कर लें कि इस्तेमाल की गई ग्रीन पेपर सील व स्पेशल टैक का नंबर वही है जो EVM,  BUCU और VVPAT में पीठासीन अधिकारी द्वारा अंकित किए गए हैं। ऐसे में दोनों नंबर सही पाए जाने पर ही EVM को खुलने की अनुमति प्रदान की जाए. यही बात समाजवादी पार्टी ने भी अपने प्रत्याशियों से कही है।