जानें, धर्मेंद्र ने क्यों कहा- पता होता तो गुरदासपुर से सनी देओल को नहीं लड़ने देता चुनाव ?

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (13 मई): गुरदासपुर के सियासी गदर में बेटे सनी के लिए पापा धर्मेंद्र मैदान में कूद गए हैं। धर्मेंद्र अपने बेटे के लिए प्रचार कर रहे हैं। लेकिन धर्मेंद्र पाजी धर्मसंकट में पड़ गए हैं, क्योंकि उनके बेटे के खिलाफ सुनील जाखड़ मैदान हैं, जिन्हें भी धर्मेंद्र पाजी अपना बेटा मानते हैं। सुनील जाखड़ बलराम जाखड़ के बेटे हैं। बलराम जाखड़ और धर्मेंद्र दोस्त रहे हैं। सनी देओल पिता का साथ मिलने से गदगद हैं तो धर्मेंद्र धर्मसंकट में फंस गए हैं। पत्रकारों से बात करते हुए यहां तक कह दिया कि अगर पहले पता होता कि बलराम जाकड़ के बेटे सुनील जाकड़ सनी के खिलाफ मैदान में हैं तो वो चुनाव लड़ने से इनकार कर देते।सुनील जाखड़ के पिता और केंद्रीय मंत्री रहे बलराम जाखड़ से धर्मेंद्र की दोस्ती थी। 1991 में धर्मेंद्र ने राजस्थान के सीकर में उनके लिए चुनाव प्रचार किया था। 2004 के लोकसभा चुनाव में जाखड़ राजस्थान के चुरू से चुनाव लड़ रहे थे। बीजेपी उनके खिलाफ धर्मेंद्र को चुनाव में उतारना चाहती थी, लेकिन उन्होंने जाखड़ के खिलाफ चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था। इसके बाद बीजेपी ने उन्हें बीकानेर से लड़ने के लिए कहा। वो लड़े और जीते भी, लेकिन चुरू से चुनाव लड़ने वाले बलराम जाखड़ चुनाव हार गए। लेकिन सियासत धुरी देखिए जिस बलराम जाकड़ के खिलाफ चुनाव लड़ने से धर्मेंद्र ने इनकार कर दिया था आज उन्ही का बेटा और धरमेंद्र के बेटे आमने सामने हैं।

हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए सन्नी देओल को पार्टी ने गुरदासपुर से टिकट थमाया है जहां उनका मुकाबला कांग्रेस के सुनील जाखड़ से है। पिता धर्मेंद्र पाजी भी बेटे सन्नी देओल को मिल रहे समर्थन से गदगद हैं। धर्मेंद्र सेहत के चलते खुद सियासत से दूर हैं, लेकिन पहले मथुरा में पत्नी के लिए वोट मांगा और अब बेटे को गुरदासपुर की गद्दी देने के प्रचार में जुट गए हैं।