चुनाव में राफेल पर घमासान, पर इस असली 'राफेल' को कोई पूछता नहीं

 न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 अप्रैल): राफेल पर देश में सियासत गर्म है। लोकसभा चुनाव में जहां ये विपक्ष इसको लेकर सरकार पर हमलावर है तो सरकार इस मसले पर कांग्रेस को झूठा करार दे रही है। वहीं विकास से कोसों दूर नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ में एक ऐसा गांव है जिसका नाम ही राफेल है। हालांकि गांव वालों को इस बात की खुशी है कि कम से कम राफेल जहाज के बहाने उनके गांव का नाम भी पूरी दुनिया में मशहूर हो रहा है। हालांकि गांव वालों का कहना है कि 'राफेल विमान के नाम की वजह से हमारे गांव का नाम लगातार टीवी पर आ रहा है लेकिन  इस नाम को घोटाले से जोड़ना उन्हें अच्छा नहीं लगता है।

आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ और उड़ीसा की सीमा पर छत्तीसगढ़ के महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में बसे एक छोटे से गांव का नाम राफेल है। इस गांव में राफेल बनाने की फैक्ट्री नहीं है, लेकिन यहां मजदूर ईंट बनाते जरूर दिखाई देंगे। राफेल सौदे से सियासत भले ही बदली हो पर इस गांव की तस्वीर नहीं बदली है। हालांकि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव को सिंगल लेन की पक्की सड़क मिल गई है। प्रवेश के पहले गांव में अनाज बेचने के लिए सरकारी दुकान भी है।

गांव में सड़क-बिजली है, लेकिन पीने का पानी अभी तक नहीं है और युवाओं के सामने रोजगार की बड़ी समस्या है। इस इलाके में होने वाली धान की फसल बारिश पर आश्रित है क्योंकि पानी की किल्लत है। पानी की किल्लत इस गांव की सबसे बड़ी समस्या है।

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