टिकट कटने से नहीं, तरीके से दुखी हैं लाल कृष्ण आडवाणी- सूत्र


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (24 मार्च): बीजेपी के 'लौह पुरूष' और दो सांसदों वाली पार्टी को सत्ता के सिंहासन पहुचाने वाले नींव के पत्थर लाल कृष्ण आडवाणी को पार्टी ने इसबार टिकट नहीं दिया है। बीजेपी ने लालकृष्ण आडवाणी की परंपरागत सीट गांधीनगर से अपने अध्यक्ष अमित शाह को उम्मीदवार बनाया गया है। आडवाणी के करीबी सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के मुताबिक आडवाणी गांधी नगर लोकसभा सीट से टिकट कटने के तरीके से दुखी है। आडवाणी के करीबियों का दावा है कि जिस तरीके से टिकट की लिस्ट से जिस तरीके से आडवाणी का नाम बाहर किया गया, उससे वे बेहद दुखी है। बताया जा रहा है कि बीजेपी के किसी भी बड़े नेता ने उनसे मुलाकात कर चुनाव ना लड़ने की अपील नहीं कही थी। लेकिन इसके बाद भी उन्हें टिकट नहीं दिया गया। यानी आडवाणी की राय जाने बिना ही पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। आपको बता दें कि बीजेपी के इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है जब पार्टी लालकृष्ण आडवाणी के बिना चुनाव लड़ने जा रही है। बीजेपी के इस फैसले के बाद  91 साल के लाल कृष्ण आडवाणी के सियासी सफर को खत्म माना जा रहा है। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए बीजेपी की पहली लिस्ट जारी होते ही आडवाणी अचानक सियासत का इतिहास बन गए।
गौरतलब है कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी 75+ नेताओं को न तो मंत्री बनाने और न ही उन्हें पार्टी में कोई पद देने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी के अलावा 75 साल से अधिक के नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह नहीं दी गई, जिनमें शांता कुमार, बीसी खंडूरी, हुकुम देव यादव, कारिया मुंडा, बिजया चक्रवर्ती शामिल हैं। मोदी सरकार में 75 की उम्र पूरी होने पर कलराज मिश्रा, नजमा हेपतुल्ला को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा था।


जानकारी के मुताबिक बीजेपी केंद्रीय चुनाव समीति इसी फॉर्मूले पर काम करते हुए 2019 के आम चुनाव में 75 की उम्र पार कर चुके नेताओं के टिकट नहीं देने का फैसला किया है। बीजेपी के अपने दिग्गज और सबसे वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी को टिकट नहीं दिया। उनकी जगह पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को गांधी नगर सीट से चुनाव लड़ेंगे। इसके अलावा भगत सिंह कोश्यापी और बीसी खंडूरी को भी टिकट नहीं दिया गया। अब शांता कुमार और करिया मुंडा की भी टिकट कटने की खबर है। बीजेपी ने कांगड़ा से शांता कुमार की जगह किशन कपूर को अपना उम्मीदवार बनाया है। जबकि पार्टी ने खुंटी से करिया मुंडा की जगह अर्जुन मुंडा को टिकट दिया है। शांता कुमार हिमाचल की कांगड़ा से 4 बार और करिया मुंडा झारखंड की खूंटी से 8 बार सांसद रहे। वहीं बीजेपी के सीनियर नेताओं में शुमार मुरली मनोहर जोशी को भी टिकट काटे जाने की संभावना है। 75 साल की उम्र पार कर चुके हुकुम देव नारायण यादव को टिकट नहीं दिया जा रहा है।


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