नेहरू की जगह जिन्ना बनते प्रधानमंत्री तो नहीं होते देश के टुकड़े- बीजेपी नेता

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (12 अप्रैल): लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान एक-दूसरे पर हमला करते हुए कई बार नेता विवादित बयान दे देते हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश की रतलाम-झाबुआ सीट से बीजेपी के उम्मीदवार गुमान सिंह दामोर ने शनिवार को अपनी लोकसभा सीट पर प्रचार के दौरान एक विवादित टिप्पणी की। अपने संसदीय क्षेत्र में प्रचार के दौरान गुमान सिंह ने एक सभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को विद्वान बताया और कहा कि आजादी के वक्त जवाहर लाल नेहरू की जिद के कारण ही देश का बंटवारा हुआ था।

डामोर ने आजादी के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा, "वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन हुआ था, उसके बाद हमारे देश में प्रधानमंत्री बनने की होड़ मच गई थी। कांग्रेस के कुछ लोग चाहते थे हम बनें। अगर आजादी के समय पं. जवाहरलाल नेहरू जिद नहीं करते तो देश के दो टुकड़े नहीं होते।"  भाजपा उम्मीदवार के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। झाबुआ-रतलाम संसदीय क्षेत्र में डामोर का मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवार पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया से है।आपको बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में शत्रुघ्न सिन्हा ने भी जिन्ना को देश की आजादी का नायक बता दिया था और कहा था कि कांग्रेस पार्टी महात्मा गांधी से लेकर सरदार पटेल से लेकर जिन्ना से लेकर नेहरू, इंदिरा, राजीव गांधी से लेकर राहुल गांधी से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पार्टी है। सिन्हा ने कहा कि इन सभी का देश के विकास में सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा योगदान था, इसलिए हम यहां पर आए हैं। बयान के बाद बवाल मचा तो बिहारी बाबू ने सफाई दी। सिन्हा ने कहा कि वो तो मेरी जुबान फिसल गई थी। मुझे मौलाना आजाद कहना था और मैं मोहम्मद अली जिन्ना कह गया।गौरतलब है कि मोहम्मद अली जिन्ना को पाकिस्तान के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। वे मुस्लिम लीग के नेता थे जो आगे चलकर पाकिस्तान के पहले गवर्नर जनरल बने। पाकिस्तान में, उन्हें आधिकारिक रूप से कायदे-आजम यानी महान नेता और बाबा-ए-कौम यानी राष्ट्र पिता के नाम से नवाजा जाता है।