विस्फोटक रूप ले चुका है बंगाल का बैटल, आरपार की लड़ाई के मूड में टीएमसी और बीजेपी

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 मई ): पत्थरबाजी, आगजनी, मारपीट और लाठीचार्ज सातवें और अंतिम चरण के मतदान से पहले बंगाल का बैटल विस्फोटक रूप ले चुका है। 19 मई को पश्चिम बंगाल में अंतिम फेज की वोटिंग होनी है। पर उससे पहले मोदी बनाम दीदी की जुबानी जंग सड़क पर शोलों में तब्दील हो चुकी है। कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान जो कोहराम मच गया। बवाल की शुरुआत तब हुई जब रोड शो के दौरान अमित शाह के ट्रक पर डंडे फेंके गए। ये घटना कॉलेज स्ट्रीट पर कलकत्ता यूनिवर्सिटी के पास हुआ। इसके बाद बीजेपी और लेफ्ट पार्टियों के छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान कई जगह पर आगजनी भी हुई जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

इस बीच विद्यासागर कॉलेज में ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति भी तोड़ दी गई। कई जगह बीजेपी समर्थकों की लेफ्ट और टीएमसी के समर्थकों के साथ हिंसक झड़प हुई। पत्थरबाजी में बीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ कुछ पत्रकारों को भी चोटें आईं। हंगामे और हाथापाई के बीच अमित शाह का रोड शो स्थगित कर दिया गया। अमित शाह ने इसके पीछे ममता सरकार की साजिश बताते हुए चुनाव आयोग से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

उधर कोलकाता में हुई हिंसा के विरोध में देर रात बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। बीजेपी के डेलिगेशन ने चुनाव आयोग से बंगाल के मामले में दखल देने की मांग की। बीजेपी ने अराजक तत्वों और हिस्ट्रीशीटरों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। बीजेपी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने समर्थकों को हिंसा के लिए भड़का रही हैं इसलिए उनके प्रचार करने पर बैन लगाया जाए। इस बीच केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने चुनाव आयोग के रोल पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के बार-बार शिकायत करने के बाद भी चुनाव आयोग ने कोई कदम नहीं उठाया।

आपको बता दें कि बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच हिंसा उस वक्त भड़की थी जब अमित शाह का रोड शो विद्यासागर कॉलेज के पास से गुजर रहा था। बीजेपी का आरोप है कि कॉलेज के हॉस्टल से रोड शो पर पथराव हुआ जिसके बाद हिंसा भड़क गई। हालांकि छात्रों ने बीजेपी पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि बंगाल में इस बार कांटे की लड़ाई है। आखिरी दौर का बैटल जीतने के लिए भी गला काट मुकाबला चल रहा है। नेताओं की बयानबाजी आग में घी डालने का काम कर रही है। फिलहाल बंगाल का सियासी पारा गरम है। आखिरी दौर का चुनाव होने तक इसमें कई और रंग देखने को मिल सकते हैं।