हिंसा के मुद्दे पर ममता-बीजेपी आमने-सामने, 10 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे अमित शाह

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (15 मई): बंगाल हिंसा की आंच दिल्ली तक पहुंच चुकी है। बीजेपी इस मुद्दे को लेकर आक्रमक है और लगातार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साध रही है। इसी कड़ी में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह अब से थोड़ी देर बाद यानी 10 बजे के करीब दिल्ली बीजेपी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। बीजेपी अध्यक्ष पहले ये प्रेस कॉन्फ्रेंस वाराणसी में करने वाले थे लेकिन अब ये प्रेस कॉन्फ्रेंस वो दिल्ली बीजेपी मुख्यालय में ही करने वाले हैं। बताया जा रहा है कि अमति शाह में बंगाल में हुई हिंसा पर ये प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

आपको बता दें कि कोलकाता में  बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान मगंलवार शाम बीजेपी और टीएमसी समर्थकों में झड़प हो गई। हालात इतने खराब हो गए कि कोलकाता यूनीवर्सिटी के कॉलेज में लगी  ईश्वर चंद विद्यासागर की मूर्ती भी तोड़ दी गयी। इस हिंसा में बीजेपी और टीएमसी दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ता घायल हुए हैं।  ममता बनर्जी ने ईश्वर चन्द्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने पर बीजेपी को घेरा है। देर शाम विद्यासागर कॉलेज पहुंचकर उन्होंने हालात का जायजा लिया। ममता ने कहा कि बीजेपी हताश हो चुकी है। वे हमारी महान विभूतियों का भी सम्मान नहीं करते हैं।

उधर कोलकाता में हुई हिंसा के विरोध में देर रात बीजेपी नेताओं ने चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया। बीजेपी के डेलिगेशन ने चुनाव आयोग से बंगाल के मामले में दखल देने की मांग की। बीजेपी ने अराजक तत्वों और हिस्ट्रीशीटरों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। बीजेपी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने समर्थकों को हिंसा के लिए भड़का रही हैं इसलिए उनके प्रचार करने पर बैन लगाया जाए। इस बीच केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने चुनाव आयोग के रोल पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के बार-बार शिकायत करने के बाद भी चुनाव आयोग ने कोई कदम नहीं उठाया।

आपको बता दें कि बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों के बीच हिंसा उस वक्त भड़की थी जब अमित शाह का रोड शो विद्यासागर कॉलेज के पास से गुजर रहा था। बीजेपी का आरोप है कि कॉलेज के हॉस्टल से रोड शो पर पथराव हुआ जिसके बाद हिंसा भड़क गई। हालांकि छात्रों ने बीजेपी पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि बंगाल में इस बार कांटे की लड़ाई है। आखिरी दौर का बैटल जीतने के लिए भी गला काट मुकाबला चल रहा है। नेताओं की बयानबाजी आग में घी डालने का काम कर रही है। फिलहाल बंगाल का सियासी पारा गरम है। आखिरी दौर का चुनाव होने तक इसमें कई और रंग देखने को मिल सकते हैं।