'यूनिवर्सिटीज़ का भगवाकरण साबित करें तो राजनीति छोड़ दूंगी'

नई दिल्ली (24 फरवरी):  केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने बुधवार को हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रीसर्च स्कॉलर रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में विपक्ष के सवालों का लोकसभा में तेज-तर्रार अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि रोहित को निकालने वाले एनडीए ने नहीं बल्कि यूपीए सरकार ने चुने थे। 

ईरानी ने कहा कि "यूनिवर्सिटीज़ के वाइस चांसलर्स यूपीए ने चुने थे। अगर वे साबित करें कि यूनिवर्सिटीज़ का भगवाकरण किया जा रहा है तो राजनीति छोड़ दूंगी।" दलित-विरोधी होने के आरोपों का जवाब देते हुए ईरानी ने कहा, "मैं स्मृति हूं, क्या आप बता सकते हैं मेरी जाति क्या है?"

 उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एक छात्र की आत्महत्या पर राजनीति की, जो बहुत ही शर्मनाक है। विपक्ष बच्चे की आत्महत्या को भी राजनीति के मौके के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने कहा कि "मुझे सूली पर चढ़ाया जा रहा है क्योंकि मेरे मंत्रालय ने पत्र लिखा।... रोहित ने अपने लेटर मे लिखा है कि इसके लिए कोई और जिम्मेदार नहीं है।"

असदुद्दीन ओवैसी पर हमला बोलते हुए ईरानी ने कहा कि "जो लोग मुझपर सवाल उठाते हैं, वो ही मुझसे एडमीशन कराने की सिफारिश करते हैं।" रोहित की आत्महत्या के बाद जेएनयू विवाद पर भी उन्होंने अपना जवाब दिया। उन्होंने कहा कि "देशविरोधी नारेबाजी के का कार्यक्रम उमर ने रखा था। मुझसे कहा गया कि ये बच्चे हैं, लेकिन जिस तरह के नारे लगे उनसे बच्चों पर कैसा असर पड़ रहा है?"