इनकम टैक्स विवाद में तेंदुलकर को मिली जीत

नई दिल्ली(28 जनवरी): महान बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर को टैक्स विवादों का निपटारा करने वाले इनकम टैक्स अपीलेट ट्राइब्यूनल(ITAT) में बड़ी जीत मिली है।

- ITAT ने आदेश दिया है कि शेयरों की बिक्री से होने वाली आय पर कैपिटल गेन्स की तरह टैक्स लगेगा न कि बिजनस इनकम की तरह।

- दरअसल सचिन तेंडुलकर ने 2009-10 के अपने आईटी-रिटर्न में शेयरों की बिक्री से हुई आय को कैपिटल गेन्स के तौर पर बताया था, जबकि आयकर अफसरों ने 1.36 करोड़ रुपये को बिजनस से आय माना था।

- इस टैक्स विवाद में आयकर आयुक्त (अपील) ने क्रिकेटर के पक्ष में फैसला सुनाया था जिसे इनकम टैक्स विभाग ने ITAT में चुनौती दी थी। ट्राइब्यूनल के सदस्यों महावीर सिंह और अश्वनी तनेजा ने पाया कि तेंडुलकर की ज्यादातर आय स्पोर्ट्स एंडॉर्समेंट्स से हुई थी। शेयरों में निवेश लंबे समय को ध्यान में रखकर किया गया था।

- ट्राइब्यूनल ने पाया कि तेंडुलकर ने निवेश किया था न कि वह शेयर ट्रेडिंग बिजनस में शामिल थे। सीबीडीटी ने भी 29 फरवरी 2016 के अपने सर्कुलर में स्पष्ट किया था कि अगर सूचीबद्ध शेयर्स या सिक्यॉरिटिज को बेचे जाने से पहले कम से कम 12 महीनों तक रखा गया हो और अगर टैक्सपेयर इसे कैपिटल गेन्स से हुई आय बता रहा हो तो आयकर अफसरों को इस पर आपत्ति नहीं करनी चाहिए। इस तरह ITAT ने फैसले को कायम रखते हुए शेयरों और म्युचुअल फंड की बिक्री से हुई आय को कैपिटल गेन्स माना न कि बिजनस इनकम।