जानिए, क्या है शराबबंदी कानून, कितनी हो सकती है सजा?

सौरभ कुमार/पटना (1 अगस्त): बिहार में शराबबंदी को लेकर चारो तरफ हंगामा देखने को मिल रहा है। विपक्ष के अलावा खुद लालू यादव भी सवाल जवाब करने में पीछे नहीं है। लेकिन सियासत के इन आरोप-प्रत्यारोप के बीच हमें यह समझना बहुत जरूरी हो गया है कि बिहार में लागू होने वाले यह शराब विधेयक वास्तव में है क्या...

> भांग या गांजा की खेती करने पर कम-से-कम 10 साल की सजा होगी। इसे उम्रकैद तक बढ़ाया जा सकेगा। > जुर्माना एक लाख से दस लाख तक। शराब के साथ हानिकारक पदार्थ, औषधि या विजातीय अवयव मिलाने पर किसी को विकलांगता या गंभीर क्षति या मृत्यु होती है, तो फांसी या उम्रकैद, जुर्माना 10 लाख तक। > गांव में चुलाई की दारू पकड़ने के दौरान विरोध करने पर पूरे गांव और शहर पर सामूहिक जुर्माना, गांववालों को पक्ष रखने की छूट। > उत्पाद विभाग का कोई अधिकारी किसी व्यक्ति को जबरन या गलत तरीके से फंसाता  या तंग करता है, तो संबंधित पदाधिकारी को तीन से सात साल तक की सजा। > शराब की लत नहीं छूटने पर होंगे दो साल के लिए जिलाबदर या तड़ीपार। > घर में शराब पीने या बरामद होने पर परिवार के सभी व्यस्कों को जेल। > नकली शराब का कारोबार करने पर 10 साल की सजा। > अस्पताल परिसर में शराब पीने पर 5 साल की सजा, जुर्माना एक लाख। > परिसर का निरीक्षण नहीं करने देने पर 5 साल की सजा, जुर्माना एक लाख। > सभी जिलों में विशेष कोर्ट, जज को सेशन कोर्ट के जज के बराबर पावर। > अपराधी के फरार होने और सरेंडर नहीं करने पर कुर्की-जब्ती। > शराब के मामले में  दोबारा पकड़े जाने पर छह साल की सजा। > परिसर में शराब के उपयोग पर परिसर होगा सीलबंद। > शराब, भांग,गांजा बेचे जानेवाले स्थलों को बंद करने की शक्ति डीएम को।