गुजरात के जंगलों में बढी शेरों की संख्या, पहुंची 650

अहमदाबाद(4 अगस्त): शेरों की घटती संख्या को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए। उसी में एक था नारा 'सेव द टाइगर'। इस नारा के असर दिखने लगा है। 
अमरेली जिले में एशियाई शेरों को तलाबों के किनारे पानी पीते और जंगल में घूमते हुए देखा जा सकता है। 

- गुजरात में एशियाई शेरों के मशहूर गिर वन्यजीव अभयारण्य में ऐसा दृश्‍यों की भरमार है। इन शेरों में ज्‍यादातर एक से दो साल के आयु वर्ग के हैं। 

- गुजरात में शेरों की संख्‍या में लगातार इजाफा हो रहा है। जुलाई में वन विभाग द्वारा आंतरिक शेर की गिनती के अनुसार, आरक्षित वनों में करीब 650 शेर हैं और अमरेली, भावनगर और गिर-सोमनाथ जिले में राष्ट्रीय उद्यान के बाहर भी काफी शेर नजर आते हैं।

- एक वन अधिकारी ने बताया, 'गिर और इसकी परिधि में लगभग 650 शेरों की गिनती दर्ज की गई है। यह उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार 1936 के बाद से राज्य में शेरों की सबसे बड़ी संख्या है। इनमें एक और दो साल की उम्र के करीब-करीब 180 शेर हैं।' बता दें कि पिछले दो साल में 125 शेरों की गर्जन में वृद्धि हुई है। 

- 2015 में हुई जनगणना में शेरों की संख्‍या 523 आंकी गई थी। तब से अब तक शेरों की संख्‍या में काफी वृद्धि हो गई है। वैसे बता दें कि अब गिर वन्यजीव अभयारण्य में हर महीने पूर्णिमा के दिन शेरों की गिनती की जाती है। इस काम के लिए 100 सीसीटीवी लगाए गए हैं।