एक थप्पड़ ने बनाया शहाबुद्दीन को बाहुबली, तीन घंटे तक हुई थी गोलीबारी

नई दिल्ली(10 सितंबर): पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन जेल से बाहर आ गए हैं। इसके साथ ही उनके बारे में चर्चाओं की बाढ़ आ गई है। कम उम्र में राजनीति में आए शहाबुद्दीन के दो रूप हैं। समर्थक उन्हें रॉबिनहुड मानते हैं तो दूसरे बाहुबली और दबंग। शहाबुद्दीन के एक लोकल नेता से देश दुनिया में चर्चित बाहुबली बनने की कहानी एक थप्पड़ से शुरू होती है। 

- 15 मार्च 2001 को शहाबुद्दीन ने राजद के एक नेता को गिरफ्तार करने आए पुलिस ऑफिसर संजीव कुमार को थप्पड़ मारा था। इसके बाद शहाबुद्दीन के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने शहाबुद्दीन पर कार्रवाई के लिए उनके प्रतापपुर वाले घर पर छापेमारी की थी। इस दौरान शहाबुद्दीन समर्थकों और पुलिस के बीच करीब 3 घंटे तक गोलीबारी हुई। इस घटना में 10 लोग मारे गए और पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। तभी से शहाबुद्दीन की गिनती बाहुबली के रूप में होने लगी थी।

- शहाबुद्दीन के रसूख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह जेल में दरबार लगाते थे। सीवान जेल में उन्हें पूरी सुविधाएं मिली हुईं थीं। मार्च 2016 में बिहार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री अब्दुल गफूर आरजेडी के एक विधायक के साथ सीवान जेल में शहाबुद्दीन के पास हाजिरी लगाने पहुंचे थे। इस मुलाकात के फोटो मीडिया में आने के बाद काफी विवाद हुआ था। इसके बाद शहाबुद्दीन को भागलपुर जेल भेजा गया था।