सरकार के इस फैसले से LIC में पैसे लगाने वाले होंगे परेशान!

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 जून): अगर आपने भी देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) में पैसा लगाया है तो यह खबर आपको परेशान कर सकती है, क्योंकि मोदी सरकार ने सरकारी बैंक IDBI के बढ़ते एनपीए (NPA- Non Performing Assets) को देखते हुए उसे LIC के हवाले करने की तैयारी कर ली है।वित्त वर्ष 2018 के दौरान केन्द्र सरकार ने अपने रीकैपिटलाइजेशन प्रोग्राम के तहत बैंक की मदद करने के लिए 10,610 करोड़ रुपये डाला है। वहीं IDBI बैंक देश के बीमारू सरकारी बैंकों में सर्वाधिक एनपीए अनुपात वाला बैंक है। IDBI बैंक में केन्द्र सरकार की 85 फीसदी हिस्सेदारी है।एलआईसी में देश की अधिकांश जनता प्रतिवर्ष हजारों-लाखों रुपये पॉलिसी में डालती है। लेकिन अब केन्द्र एक सरकारी बैंक को बचाने की कवायद में इसे एलआईसी के हवाले करने जा रही है। इसका साफ मतलब है कि आप प्रतिवर्ष जो पैसा एलआईसी की पॉलिसी के लिए बतौर प्रीमियम जमा करते हैं अब उसका इस्तेमाल बैंक को डूबने से बचाने के लिए किया जाएगा।

वित्त वर्ष 2017 के दौरान एलआईसी ने 1 ट्रिलियन रुपये से अधिक का कर्ज बाजार को दिया था और इसी कर्ज के कारोबार को बनाए रखने के लिए उसने लगभग सभी सरकारी बैंकों में कुछ न कुछ हिस्सेदारी खरीद कर रखी है। लेकिन अब खुद बैंक की भूमिका में आ जाने के बाद एलआईसी के सामने भी वही चुनौती होगी जिसके चलते ज्यादातर सरकारी बैंक गंदे कर्ज बांटकर एनपीए के जाल में फंसे हैं।