मुझसे सिर्फ चिट्ठियां लिखवाते थे नेताजी, अब किसी और से लिखवा लेंगे: रामगोपाल

नई दिल्ली(26 अक्टूबर): सपा से निष्कासित राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने अमर सिंह के बहाने सीधे सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह पर कई सियासी वार किए। उन्होंने जेल जाने से अमर सिंह द्वारा बचाए जाने के मुलायम के बयान को न सिर्फ मूर्खतापूर्ण बताया, बल्कि यह भी कहा कि उन्होंने खोटे सिक्के (अमर सिंह) के लिए असली सिक्के (खुद रामगोपाल) को बाहर कर दिया। 

- अपने निष्कासन पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि सपा में नेताजी ने उन्हें चिट्ठी-विट्ठी लिखने के लिए रख लिया था, अब इसके लिए किसी और को रख लेंगे। इस दौरान रामगोपाल ने अमर सिंह पर सांसद और मुख्यमंत्री की पत्नी डिंपल यादव के खिलाफ साजिश रचने का भी आरोप लगाया। 

- उन्होंने अखिलेश यादव के समर्थन में खड़े रहने की घोषणा की। शिवपाल यादव और अमर सिंह को उत्तर प्रदेश के किसी भी हिस्से में अपने खिलाफ बोल कर सुरक्षित बाहर निकलने की चुनौती देते हुए रामगोपाल ने  सपा प्रमुख पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नेताजी का यह कहना कि अमर सिंह ने उन्हें जेल जाने से बचाया, मूर्खतापूर्ण बयान है। क्या वह कहना चाहते हैं कि अमर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट और सीबीआई को मैनेज कर लिया। खुद मुलायम ही नहीं समझ रहे कि वह क्या कह रहे हैं। नेताजी के मामले में कोर्ट अधिक से अधिक जांच का आदेश ही दे सकता था। रामगोपाल ने कहा कि यह वही अमर सिंह हैं जिसने डिंपल के खिलाफ साजिश रची। अपने करीबी चतुर्वेदी के जरिये सुप्रीम कोर्ट में डिंपल के खिलाफ जांच के लिए याचिका दायर कराई। चूंकि अदालत पहले ही डिंपल को छूट दे चुकी थी, ऐसे में यह मामला वैसे भी एक मिनट में ही खत्म हो जाना था।

इस दौरान रामगोपाल ने मुलायम के इस दावे का भी खंडन किया कि वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में मुलायम के नाम पर वोट मिले। उन्होंने कहा कि अखिलेश के दम पर सपा को स्पष्ट बहुमत मिला। गुंडों की छवि वाली पार्टी को अखिलेश ने नया रूप दिया। इसके बाद इनके खिलाफ साजिश शुरू हो गई। लोग अखिलेश से जलने लगे। मगर इसके बदले यह हुआ कि अमर सिंह और शिवपाल जैसे लोग जनता में अपराधी सिद्ध हो गए। जल्द ही इन्हें पता चलेगा कि जनता इनके साथ क्या सलूक करती है। यादव ने कहा कि सपा से निकाले जाने के बाद अन्य दलों ने अमर सिंह को घास नहीं डाली। रालोद से लड़े तो खुद 21000 और जयाप्रदा को 24000 वोट ही दिलवा पाए।