जरूरी नहीं PF कटाना, बजट में ऐलान संभव

नई दिल्ली (31 जनवरी): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सदन के पटल पर जो आर्थिक सर्वेक्षण रखा है, उसमें कर्मचारियों को यह सहुलियत दी है कि अगर वह चाहे तो अपना पीएफ कटाना बंद कर सकते हैं।

वित्त मंत्री के आगे यह जानकारी रखी गई थी कि 20 हजार रुपये तक सैलरी वाले लोगों को मात्र 55 फीसदी की सैलरी का हिस्सा मिलता है। उसका बाकी 45 फीसदी हिस्सा ईपीएफ जैसी योजनाओं में कट जाता है। इसी को देखते हुए वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण में इस बात को साफ किया है कि अगर कोई कर्मचारी चाहे तो वह अपना पैसा ईपीएफ में ना कटाए।

हालांकि यह भी चर्चा है कि सरकार पर ईपीएफ का भार पड़ता है, क्योंकि लोगों की जमा पूंजी पर उसे भारी ब्याज दर पर भुगतान करना पड़ता है। इसलिए सरकार ने अपने ऊपर पड़ने वाले बोझ को भी कम किया है और यह निर्णय लिया है।