बैठे समय पैर हिलाने से हो सकता है हार्ट अटैक !

नई दिल्ली (10 फरवरी): अपने आसपास बैठे लोगो को कई बार पैर हिलाते देखा होगा अगर आपको भी बैठे या लेटे हुए पैर हिलाने की आदत है तो सावधान हो जाएयें क्योंकि ये रेस्टलेस सिंड्रोम के लक्षण हो सकते हैं।

इसका कारण आयरन की कमी होना है। यह समस्या 10 फीसदी लोगों को होती है। ज्यादातर 35 साल से ज्यादा उम्र के व्यक्तियों को होती है। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल, बोस्टन के प्रफेसर का कहना है कि इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति औसतन नींद न आने से पहले 200-300 बार अपने पैर हिलाता है। यदि लगातार इंसान पैर हिलाता है तो दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है।

यह रोग आयरन की कमी के कारण होता है। इसके अलावा किडनी, पार्किंसंस से पीड़ित मरीजों व गर्भवतियों में डिलिवरी के अंतिम दिनों में हार्मोनल बदलाव भी कारण हो सकते हैं। ज्यादा शराब पीने व कुछ खास दवाओं (जुकाम व एलर्जी) से भी होने का खतरा रहता है। शुगर, बीपी व हृदय रोगियों में इसका खतरा बढ़ता है।

डॉक्टर्स कहते हैं यह रेस्टलेस सिंड्रोम है। यह नर्वस सिस्टम से जुड़ा रोग है। पैर हिलाने पर व्यक्ति में डोपामाइन हार्मोन स्त्रावित होने के कारण उसे ऐसा बार-बार करने का मन करता है। इसे स्लीप डिसऑर्डर भी कहते हैं। नींद पूरी न होने पर वह थका हुआ महसूस करता है। जांच लक्षणों के आधार पर ब्लड टेस्ट किया जाता है। नींद न आने की दिक्कत बढ़ने पर पॉलीसोमनोग्राफी (पीएसजी) भी करवाकर इसकी पुष्टि की जाती है। इस जांच से नींद न आने के कारणों को जाना जाता है।