एक-दूसरे के सैनिक ठिकानों का इस्तेमाल करेंगे भारत-यूएस, घबराया चीन

नई दिल्ली (30 अगस्त): अमेरिका और भारत ने सोमवार को एक बड़ा डिफेंस लॉजिस्टिक्स समझौता किया।  इसके तहत दोनों देशों (भारत-अमेरिका) की सेनाएं एक-दूसरे की जमीन, हवाई और नौसैनिक अड्डे के विकास, मरम्मत और अन्य गतिविधियां साझा करेंगीं। दोनों देशों के बीच हुए इस अहम समझौते को लेकर चीन की चिंता बढ़ गई है। चीन के सरकारी मीडिया ने इस समझौते पर तीखी टिप्पणी की है।

चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, 'बेशक अमेरिका-इंडिया मिलिटरी साझेदारी में यह एक लंबी छलांग है। अमेरिकी मीडिया ने इस समझौते का गर्मजोशी से स्वागत किया है। फोर्ब्स ने इस पैक्ट को 'वॉर पैक्ट' बताते हुए कहा है कि इंडिया अपने शीत युद्ध के साथी रूस के पाले से निकलकर शिफ्ट हो रहा है। अब वह अमेरिकी सहयोगी के रूप में खुलकर सामने आ रहा है।'

ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है, 'भारत चतुराई भरा कदम उठा रहा है। कुछ डिफेंस ऐनालिस्ट ने चिंता जताते हुए कहा है कि इंडिया इस समझौते के कारण रणनीतिक स्वतंत्रता को खो सकता है। इन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि भारत वॉशिंगटन का 'पिछलग्गू' बनकर रह जाएगा। इंडिया अपनी आजादी के बाद से गुटनिरपेक्ष नीति का पालन करता रहा है। भारतीय राजनेता इसकी वकालत भी करते रहे हैं। हालांकि हाल के वर्षों में अमेरिका जानबूझकर इंडिया से ज्यादा प्रेम जता रहा है ताकि इस इलाके में चीन के ऊपर दबाव बनाया जा सके।'